सुविचार 3346
कोई “बांस” का “तीर” बनाकर किसी को “घायल” करता है..!
तो कोई “बांसुरी” बनाकर बांस में “सुर” को भरता है..!
_हमने अपने जीवन में कितनी अच्छाई का अनुभव किया है..
कोई “बांस” का “तीर” बनाकर किसी को “घायल” करता है..!
तो कोई “बांसुरी” बनाकर बांस में “सुर” को भरता है..!
_हमने अपने जीवन में कितनी अच्छाई का अनुभव किया है..
मेरी मुस्कुराहट मेरी आदत में शामिल है…
और जब कोई व्यक्ति सुधार कर सकता है, तो वह कभी शिकायत नहीं करता.
_ जीत जाते हैं वो.. “जिनकी” सोच “कुछ” बड़ी है.
क्योंकि सुबह उनकी भी होती है, जिनके दिन खराब हों.
काफ़ी हद तक इंसान हो जाते हैं.
_ मजा तो तब है जब आपके किरदार से खुशबू आये..
कर के दिखा दे कोई कमाल, तो तुझ पर सब अभिमान करेंगे…
_बल्कि हौसला वो रखो, जो हालातों को बदल दे.