मस्त विचार – ।। राह चलते चलते ।। – 3049

।। राह चलते चलते ।।

भीड़ है इतनी पर, कोई, किसी से,
मिलता क्यूँ नही है।
साथ चलते, टकराते,
घूम कर,आड़े तिरछे निकल जाना,
एक दूजे को देख कर,
झुठमुठ में मुस्कुराना,
कोई खुल कर हँसता क्यों नहीं है।
कोलाहल है, पर बोल नहीं है,
मेला है पर मेल नहीं है,
साथ चलते चलते किसी से हाथ मिलाना,
कोई दिल से अतरंग मिलता क्यों नहीं है।
Whatsapp पर है होली दीवाली,
पर फूलझड़ी, पटाखा, गुलाल नही है,
बड़ों का आशीर्वाद नहीं है।
जन्मदिन, वर्षगाँठ और दुनिया का ज्ञान,
Facebook पर है चेहरा,
पर कोई भाव नहीं है।
कोई आकर इनको आईना,
दिखाता क्यों नहीं है,
खो गयी मिट्टी की खुशबू,
इस महँगे इत्र के बाजार में,
बिक रही चांदनी अब,
रोशनी के बाजार में,
रिश्ते हैं सारे मगर,
अब प्यार नही है ।
।।पीके ।।

सुविचार 3174

हानिकारक वे लोग भी हैं, जो इस कारण सच नहीं बोल पाते हैं कि

गलत व्यक्ति की कभी भी जरूरत पड़ सकती है.

सुविचार 3173

यदि किसी बात की जानकारी कम हो पहले उस बारे में अच्छी तरह जांच करें उसके बाद ही दूसरों को ज्ञान दें

वरना अंत में आप खुद ही मूर्ख साबित हो जाएंगे इससे आपका ही नुकसान होगा.

मस्त विचार 3048

*किसी को नसीहत के फूल देते वक़्त*…..*खुद उनकी ख़ुशबू लेना मत भूलिये..*
ख़ुशबू अपना रास्ता खुद बनाती है, _ फूल तो डाली का होकर रह जाता है !!!

सुविचार 3172

इस दुनिया में सबकुछ कीमती है, एक पाने से पहले और दूसरा खोने के बाद..

Collection of Thought 798

Being with no one is better than being with the wrong one, because those who fly solo often have the strongest wings.

किसी के साथ नहीं होना _ गलत के साथ रहने से बेहतर है, क्योंकि अकेले उड़ने वालों के पंख सबसे मजबूत होते हैं.

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