सुविचार 3333
कर्मों से भी लोगों के मुंह बंद किए जा सकते हैं.
You can use many words, but your actions and patterns will show me everything.
कर्मों से भी लोगों के मुंह बंद किए जा सकते हैं.
You can use many words, but your actions and patterns will show me everything.
हैरान हूँ मैं सोचकर फिर बेईमानी कहां से आई है.
चाहे लोग कहे कुछ भी, तू तो जिम्मेदारी रख,
वक्त पड़े काम आने का, पहले अपनी बारी रख,
मुसीबते तो आएगी, पूरी अब तैयारी रख,
कामयाबी मिले ना मिले, जंग हौंसलों की जारी रख,
बोझ लगेंगे सब हल्के, मन को मत भारी रख,
मन जीता तो जग जीता, कायम अपनी खुद्दारी रख.
ख़ूबसूरत चेहरे तो हर जगह होते हैं लेकिन ख़ूबसूरत दिमाग़ मिलना मुश्किल होता है.
दुखी लोग इस बात पर ध्यान केंद्रित करते हैं कि उनके पास क्या नहीं है.
यह ज़िन्दगी इतनी भी कठिन तो नही….
उड़ान ज़मीन से शुरू और जमीन पर ही खत्म होती है.