मस्त विचार 3126
आजकल के प्यार नहीं होते सच्चे,
इसलिए हम अकेले ही हैं अच्छे..
इसलिए हम अकेले ही हैं अच्छे..
एक तो कान भरने वाला और दूसरा कच्चे कान वाला..
क्योंकि ज्यादा फर्क नहीं होता पूर्ण और शून्य में..
ऐसे व्यक्ति के संपर्क में रूपांतरित क्यों नहीं होंगे, जो अनुशासन व शिष्टाचार में परिपूर्ण है ?
_ फिर आप एक दिन भी नौकरी नहीं करेंगे ..
आप जिस चीज से गुजरे हैं, वह इस बात की तैयारी थी कि आप अभी कहां हैं और कल आप कहां हो सकते हैं.
बहुत कुछ पास से गुजर जाता है.
जब तक कि आप ख़ुद से ख़ुश होना नहीं चाहें.
वो एक कतरा भी, फिर समुन्दर है…
_ पर हर कोई कहता कि ‘हम ठीक हैं’