सुविचार 3080
जब इंसान का वक़्त बदलता है तो गैरों से ज्यादा अपने जलते हैं.
जब इंसान का वक़्त बदलता है तो गैरों से ज्यादा अपने जलते हैं.
मलाल वो करे जो दौड़ में शामिल नही थे!!
उलझने को जिन्दगी और समझने को उम्र दे गया.
साथ कितने हैं ये जरुरी है.
हिम्मत करोगे तो बड़े- बड़े भी सर झुकाएंगे.
बल्कि स्वयं को यह बताने के लिए है कि मैं पहले से बेहतर प्रयास कर सकता हूँ.
नफरत करता है जो वो भी हमें चाहेगा…