सुविचार 3154
जब जीवन के कष्ट, दुख, हमें नचाते नाच ।
अपनो के अपनत्व का, तब दिखता है साँच ।।
अपनो के अपनत्व का, तब दिखता है साँच ।।
_ मुलाक़ात चाहे जब हो..अपनेपन का अहसास तो रोज महसूस होता रहे..!!
अपने आप को सकारात्मक लोगों के साथ घेरें जो बारिश होने पर आपका समर्थन करेंगे, न कि केवल चमकने पर.
तो शायद वो आपसे अंजान हैं.
कोई बिखर के मुस्कुराया तो कोई मुस्कुराकर बिखर गया ,,,
और खुश हो तो आप बहुत अमीर हो.
लेकिन पहचान अपने दम पर ही बनानी पड़ती है..
दुनिया को देखकर जो फैसले लेते हैं वो दुखी ही रहते हैं.