सुविचार 3103
सही काम करने के लिए आपको समूह की ज़रूरत नहीं होती,
ज़मीर ज़िंदा हो तो आप अकेले भी पर्याप्त हैं.
ज़मीर ज़िंदा हो तो आप अकेले भी पर्याप्त हैं.
_ स्वयं पर विजय पाकर आनंद मिलता है.
मगर उसमें गांठ पड़ ही जाती है.
इंसान बहुत कुछ कर सकता है.
जो आपके पास है उसके लिए आभारी रहें ; आप अंत में और अधिक प्राप्त करेंगे _
_यदि आप उस पर ध्यान केंद्रित करते हैं जो आपके पास नहीं है, तो आपके पास कभी भी पर्याप्त नहीं होगा.
लगता है कहीं गहराई में दिल लगा बैठे हो…
ताकि आपके जीवन में कभी भी कोई भी अंधकार न फैला सके.
काम अपने पाँव ही आते हैं सफ़र में।”
इन्हे भी सुकून की तलाश है…