सुविचार 3099
और प्रकृति की प्राकृतिक वस्तुओं को भूल गया.
और प्रकृति की प्राकृतिक वस्तुओं को भूल गया.
यह पल भी जाने ही वाला है.
तब अपने और सगे सभी हाथ छुड़ा लेते हैं…
उसी दिन से हमारी कमजोरी हमारी ताक़त बन जायेगी.
महफ़िलों में जब तेरी बात उठती है.
दु:ख् बहोत हैं फिर भी सब हंसते रहते हैँ.
दर्द आपको मजबूत बनाता है, आंसू आपको बहादुर बनाते हैं, और दिल टूटने से आप समझदार बनते हैं, इसलिए बेहतर भविष्य के लिए अतीत को धन्यवाद दें.
“जब आपको दर्द हो तब भी खुद को ठीक करने के लिए पर्याप्त साहसी बनें.”
मेरे साथ सब सही हो रहा है’
_ हम उनसे ही यह सबक लेते हैं कि विश्वास हमेशा बहुत सोच – समझकर करना चाहिए !*
मंजिलों की फितरत है खुद चलकर नहीं आती.