मस्त विचार 4555
हमने तो जलने का हुनर भी तूफ़ानों से सीखा है..!
हमने तो जलने का हुनर भी तूफ़ानों से सीखा है..!
बस माफ़ करके सीधा दिल से निकाल दो..
और हम जिंदगी भर उन्हें अपने राज बताते रहे.
आप अपने बारे में क्या सोचते हैं, यह उससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण है कि दूसरे आपके बारे में क्या सोचते हैं.
जैसे ही आपके मन में कुछ करने का आवेग आता है, रुकें और देखें
_ क्या यह आवेग है या यह आपके अस्तित्व का विस्तार है.
आपको निराश होने की नहीं, रास्ते ढूंढ़ने की जरुरत है.
फिर वो चाहे धन हो या खुशियां..
विकल्प जैसे —☀️ Peaceful [शांत]| 🌧️ Heavy [थका हुआ]| 🍃 Hopeful | 🌙 Quiet | 🔥 Restless [बेचैन]| 💫 Grateful [आभारी]
– “आज मैंने अपने भीतर क्या नया महसूस किया ?” या “क्या मैंने खुद को थोड़ा और समझा आज ?”
– “आज मेरे भीतर का आसमान…”🌤️ साफ़ है | ☁️ बादलों से ढका | 🌧️ भीगा हुआ | 🌙 शांत “जैसे बाहर का मौसम बदलता है, वैसे ही भीतर का भी.. – बस उसे महसूस करो”
> Today my inner sky feels… ☁️ Cloudy | 🌈 Clear | 🌧️ Drizzling | 🌙 Calm | ⚡ Stirred
– “हर दिन खुद से एक मुलाक़ात”
– ** कभी मन स्थिर होता है, कभी भीतर तूफ़ान.. यहाँ, मैं बस खुद से पूछता हूँ —आज मैं कैसा हूँ ? – “क्या मैंने आज खुद को थोड़ा और सुना ?”
– “हर उत्तर तुम्हारे भीतर है, बस रुककर सुनो”
– **“जैसे बाहर का मौसम बदलता है, वैसे ही भीतर का भी। बस उसे महसूस करो।”
– “हर उत्तर तुम्हारे मौन में है।”या “कभी खुद को महसूस करना ही प्रार्थना बन जाता है”
– “कभी मौन ही सबसे सच्चा उत्तर देता है।”
_ यहाँ मैं वैसे ही लिखूंगा, जैसे अंदर सच में हो रहा है.”
_ आज मैंने जीवन को ठीक करने की कोशिश नहीं की.. बस उसे महसूस किया.
_ अंदर का बोझ टेम्पररी छुट्टी पर गया हुआ है,
_ और जब मन इतना हल्का होता है ना, तब कुछ नया पकड़ने की जरुरत नहीं होती.
_ बस उस हल्केपन को महसूस करते रहना होता है.”