सुविचार 4768
वक़्त कभी एक जैसा नहीं रहता, रोना उन्हें भी पड़ेगा जो औरों को बेवजह रुलाते हैं !
चलो मान लिया की गलत हूँ मैं… ये तो बताओ ” तुम सही हो क्या “..!
ज्ञान वो है जो आपके किरदार में झलकता है !!
कुछ गैरों ने बर्बाद किया, कुछ अपने छोड़ गये…
मसला खुद खुश रहकर तुझे खुश रखने का,
इसलिए तेरे सामने हम रो भी नहीं सकते…….
सबसे बुरे लोग वे हैं जो मौजूदा मुद्दों पर अपनी राय नहीं रखते.
क्यूँ न हम शीशे से कह दें…टूटा न करें !”