सुविचार 3085
असल कामयाबी वह होती है, जो अपने अहंकार और स्वार्थ से परे हो.
असल कामयाबी वह होती है, जो अपने अहंकार और स्वार्थ से परे हो.
जिसे तुम पर यकीन है उसे जरुरत नहीं ; और जिसे तुम पर यकीन नहीं वो मानेगा नहीं
उन्हें हर समस्या बड़ी लगती है..
मैंने किसी को जीतना नहीं चाहा, तो बदले में मुझे कभी हारना भी नहीं पडा़,”
सेज के साथ नींद है, धन के साथ उदारता है एवं, विशिष्टता के साथ शिष्टता है.