मस्त विचार 2886

एक सुकुन के तलाश में ना जाने कितने बेचैनियाँ पाल ली हैं…..
जिसकी जिंदगी में सुकून है वही आज की डेट में खुशनशीब है,

और जिस जिंदगी में सुकून नहीं तो धत ऐसी जिंदगी को..

जब चीज़े हमारे मन की ना हो अधिकतर तभी ऐसा होता है…चीजे बेचैन करती हैं.

_ इसलिए सबसे पहले उस पर काम कीजिए जो exactly आपको चाहिए..
_ जिससे आपको खुशी मिले और थोड़ी सी मन में स्थिरता _फिर धीरे धीरे सब ठीक होगा..

सुविचार 3011

घमंड हमेशा विरासत में मिली बिना मेहनत की दौलत का होता है,

जिस व्यक्ति ने मेहनत करके पैसे कमाए होते हैं, वह दूसरों की इज्जत जरूर करता है.

सुविचार 3010

जीवन में नित नए परिवर्तन और नए विकास होते रहते हैं, यदि हम स्वयं को सर्वज्ञाता समझने की भूल करेंगे, तो जीवन की दौड़ में पिछड़ जायेंगे.

क्योंकि इस दौड़ में जीतता वही है, जो लगातार दौड़ता रहता है. जिसें दौड़ना छोड़ दिया, उसकी हार निश्चित है,

इसलिए सीखने की ललक खुद में बनाये रखें, फिर कोई बदलाव, कोई उतार-चढ़ाव आपको आगे बढ़ने से नहीं रोक सकता.

Collection of Thought 766

The more balanced you are with yourself the more difficult for others to disturb you.

आप अपने साथ जितने संतुलित होंगे, दूसरों के लिए आपको परेशान करना उतना ही मुश्किल होगा.

सुविचार 3009

जीवन में सफल होने के लिए एक बार में केवल एक लछ्य ही बनाएं और जब तक एक लछ्य को प्राप्त न कर लें, तब तक दूसरा न बनाए.

क्योंकि कई लछ्य एकसाथ बना लेने से हम कन्फ्यूज हो जाएंगे और कुछ भी प्राप्त नहीं होगा.

मस्त विचार 2883

फिर एक दिन हसरतों से हार कर,

हकीकत से मैंने भी दोस्ती कर ली !!!

हसरतों को छोड़ना ही उचित है, क्योंकि

यह दुखों को निमंत्रण है; हकीकत में आना ही सुखों का आगमन है.

सुविचार 3008

अहंकार ….

लोभ और क्रोध क्षणिक भी आये तो ठीक नहीं, किन्तु यदि ये आ जाये तो इन्हें शीघ्र विदा कर दें, यदि ये ज्यादा देर तक ठहरे और अहंकार से जुड़ गए तो फिर इनको विदा करना लगभग असंभव हो जाता है ! क्योंकि अहंकार कई बातों की आड़ ले लेता है और इन दोनों से तो क्या सबसे ज्यादा खतरनाक होता है ! अतः ध्यान रखे काम क्रोध लोभ मोह वैसे तो क्षणिक भी ठीक नहीं किन्तु अहंकार के साथ ये स्थायी हो जाते हैं !!!

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