सुविचार 3091
हम जो भी करें वह उत्कृष्ट हो और यह बात अहम् से जुड़ी हुई न हो.
हम जो भी करें वह उत्कृष्ट हो और यह बात अहम् से जुड़ी हुई न हो.
अब कोई अच्छा भी लगे तो हम इजहार नहीं करते.
पछतावा हमेशा सुधार की दिशा में जाता है.
मिलता ही नहीं वक़्त अपनों को अपनों के लिए.
जब से शहर में शुरू कमाना हुआ…
तो यकीनन आप एक खूबसूरत इंसान हैं.
फिर सुख में उन सम्बन्धों का कोई अर्थ नहीं रह जाता..