मस्त विचार 2947
सारी जिंदगी के भाग दोड़ का मेहनताना भी क्या खुब है,
चेहरे पर झुर्रियाँ अपनो से दूरियां.
चेहरे पर झुर्रियाँ अपनो से दूरियां.
तब आपका नसीब भी जागा हुआ रहता है,”
चाहे वह खुशी वाले विचार हों, या दुख वाले.
दूसरों की शिनाख्त में तो, हर शख्स माहिर है..
जो वक़्त आने पर वक़्त दिया करते हैं.
जो सही है उसके लिए खड़े रहें, तब भी जब _ इसका मतलब _ आपको अकेले खड़ा होना पड़े.
भले ही तीन-लोक का राज मिलता हो, मौज़ से कीमती कुछ नहीं होता, “