सुविचार 2823
बल्कि इसलिए कि हमें सुखी होने की कला नहीं आती !
और हमें दुखी होने की इतनी कला आती है, जिसका कोई हिसाब नहीं !
हम ढूंढ ढूंढ कर खुद को वो बातें याद दिलाते हैं, जो हमारा दिल दुखाती है.
बल्कि इसलिए कि हमें सुखी होने की कला नहीं आती !
और हमें दुखी होने की इतनी कला आती है, जिसका कोई हिसाब नहीं !
हम ढूंढ ढूंढ कर खुद को वो बातें याद दिलाते हैं, जो हमारा दिल दुखाती है.
हर चीज की अपनी सुंदरता होती है, लेकिन हर कोई नहीं देख सकता.
और हम समझते थे कि उनकी रौनकें हम से है !
उसके लिए एक अच्छे मन की जरुरत होती है.
उसे भी किसी नज़र का इंतज़ार होता है…
की हम कर सकते हैं.
वो बाद में आंसू बहाते हैं.
कुछ तालाब खुद को समंदर समझ बैठे हैं.
परिस्थितियां वैसी ही दिखती हैं जैसे हमारे मन की स्थिति होती है.