सुविचार 2823

सभी हैं दुखी, इसलिए नहीं कि जीवन का स्वाभाव दुख है ;

बल्कि इसलिए कि हमें सुखी होने की कला नहीं आती !

और हमें दुखी होने की इतनी कला आती है, जिसका कोई हिसाब नहीं !

हम खुद ही खुद को दुःख देते हैं,

हम ढूंढ ढूंढ कर खुद को वो बातें याद दिलाते हैं, जो हमारा दिल दुखाती है.

लोग कहते हैं जीवन व्यर्थ है, यह नहीं कहते कि हमारे जीने का ढंग व्यर्थ है.

Collection of Thought 730

Every thing has it’s own beauty, but not everyone can see.

हर चीज की अपनी सुंदरता होती है, लेकिन हर कोई नहीं देख सकता.

सुविचार 2822

मदद करने के लिए केवल धन की जरुरत नहीं होती,

उसके लिए एक अच्छे मन की जरुरत होती है.

सुविचार 2819

परिस्थितियां हमे वैसी नहीं दिखती जैसी की वो वास्तविक में होती हैं.

परिस्थितियां वैसी ही दिखती हैं जैसे हमारे मन की स्थिति होती है.

“We don’t see the things as they are, we see them as we are.”
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