सुविचार 2882
बात समझ मे आ जाए तो करने को कुछ बाकी नहीं रह जाता
समझ ही करवा देती है जो करने योग्य है.
बात समझ मे आ जाए तो करने को कुछ बाकी नहीं रह जाता
समझ ही करवा देती है जो करने योग्य है.
यादगार हो गये तुम अब जिदंगी भर के लिए..!
यक़ीनन वजनी होंगे, अब से समझ बूझ कर कहने होंगें !!
जिस सोच का संचय करेंगे, वही समय आने पर प्रकट होगा.
हम संचय उसी का करें जो प्रसन्नता बिखेरे.
कुछ तो वो लोग भी बुरे होंगें…!
जिसे हम बिना कुछ किये हरगिज़ नहीं पा सकते !!
जोखिम लें _ यदि परिणाम आपकी अपेक्षा के अनुरूप नहीं है, तो कम से कम आप कह सकते हैं कि आपने प्रयास किया.
हम में से कई ऐसे हैं जो छोटी-छोटी बातों के बारे में जरूरी चीजों से ज्यादा जानते हैं.
दूसरे के दुख पर आधारित सुख आपको अंततः दुख में ही ले जायेगा.