सुविचार 2805
अपनी प्रशंसा आप न करें,
यह कार्य आप के अच्छे कर्म खुद करा लेंगे.
यह कार्य आप के अच्छे कर्म खुद करा लेंगे.
_ जहाँ दरिया समुंदर से मिला दरिया नहीं रहता…!
सो, सावधानी बरतनी चाहिए.
_ ताकि वो अपनी सारी समस्याओं को भूल कर ये सोचे कि आखिर ये था कौन !!
_ज्यादा पूछने से पूंछ लग जाती है, और काम चौपट हो जाता है.!!
जब हमने मिलाई नजर तो आंखे झुका दी.
उसी की ये जिद थी अभी और तराशा जाय …
प्रेम ही एक ऐसी शक्ति है जो शत्रु को मित्र बना सकती है.
No matter what your current circumstances are, if you can imagine something better for yourself, you can create it.