मस्त विचार 2822
वो मुझ पर अजीब सा असर रखता है,
मेरे अंदरूनी मन की खबर रखता है,
शायद की मैं उसे भुला देता मगर,
याद आने के वो सारे हुनर रखता है।।।।।।
मेरे अंदरूनी मन की खबर रखता है,
शायद की मैं उसे भुला देता मगर,
याद आने के वो सारे हुनर रखता है।।।।।।
जैसे ही दीपक जलाया मैंने…अंधेरा नाराज होकर चला गया..!
बस एक व्यवहार और लगाव ही है, जो कभी बूढ़ा नहीं होता…..!!
चिन्ता ख़त्म होती है जब विश्वास आरंभ होता है.
अजनबी हाल पूछ रहे हैं और अपनों को खबर तक नहीं.
पर अनचाही बात को, दिल से देवो निकाल.
तब सब लोग आपका सम्मान करते हैं.
हमें जो चाहिए वही होगा.
ताकि आपके पास दूसरों की आलोचना करने का कोई समय न रहे.
मेरा फ़र्ज सिर्फ आपकी कीमत बढ़ाना है…