मस्त विचार 2671
जो बात राज़ की हो इशारो से पूछो ,,
लहरों से खेलना तो शौक समंदर का है ,
लगती है चोट कैसे,, ये किनारो से पूंछो ……
जो बात राज़ की हो इशारो से पूछो ,,
लहरों से खेलना तो शौक समंदर का है ,
लगती है चोट कैसे,, ये किनारो से पूंछो ……
यह ध्यान रखें कि एक सत्य को, कई तरीके से बताया जा सकता है.
_ कि बजाय यह सोचो कि क्या किया जा सकता है ?
हम मौत को जीने के अँदाज सिखा देँगे । —
थमते नहीं आँसू जब वो निगाहों को छोड़ और दिल को तोड़ जाते हैं.
1- एक वो जिसने तकलीफ़ दी.
2- एक वो जिसने तकलीफ़ में साथ दिया.
यह मौसम ही बदल जाए, अगर तुम मिलने आ जाओ
मुझे गम है कि मैने जिन्दगी में कुछ नहीं पाया
ये ग़म दिल से निकल जाए, अगर तुम मिलने आ जाओ
नहीं मिलते हो मुझसे तुम तो सब हमदर्द हैं मेरे
ज़माना मुझसे जल जाए, अगर तुम मिलने आ जाओ
ये दुनिया भर के झगड़े, घर के किस्से, काम की बातें
बला हर एक टल जाए, अगर तुम मिलने आ जाओ.
ये चारों अपना परिचय स्वयं देते हैं.
हर दिन एक नया दिन है, और अगर आप आगे नहीं बढ़ेंगे तो आप कभी भी खुशी नहीं पा सकेंगे.
_ पर वह इंसान दिल का बुरा नहीं होता !!