सुविचार 2869
नसीहत दीजिए मगर शर्मिंदा न कीजिए,
_ उद्देश्य दस्तक देना है दरवाजा तोडना नहीं.!!
_ उद्देश्य दस्तक देना है दरवाजा तोडना नहीं.!!
लेकिन वो भी सच है, जो देखा नहीं गया,
अर्द्ध सत्य कभी कभी झूँठ से ज्यादा खतरनाक होता है “
सुबह का एक छोटा सा सकारात्मक विचार आपका पूरा दिन बदल सकता है.
खुद से हो ……या…..किसी और से…..
ज़िक्र तेरा ज़रूर होता है.
न चालाकी से कुछ मिलनेवाला है.
जिसे बुरा लगे वो सामने से हट जाए.
धोखे तो बहुत खाए लेकिन धोखा न दिया हमने.
_ पीछे देखने के दर्पण से नहीं ..