सुविचार 2792
वह अपनी दिशा भी तय कर सकता है.
वह अपनी दिशा भी तय कर सकता है.
खैरियत मेरी.. कभी गैरों से मत पूछना..!!
If you want to achieve greatness stop asking for permission.
अब तो समझदार बनो.
सफ़लता-विफ़लता तो एकमात्र उदाहरण हैं ज़िंदगी का।
सफ़लता सिखाती है कि तुझे और ऊँचाईयों को है छूना।
विफ़लता सिखाती है गिर कर उठना और उठ कर संभलना
और ज़िंदगी में और अधिक बेहतर कार्य हैं तुझको करना।
बस तुझे है चलते रहना।
तू चल, मिठे लगेंगे ज़िंदगी के कड़वे पल
बस तू चल।…..
क्यूँकि हम अपनो का साथ, खुद से भी ज्यादा निभाते हैं.!!
मंजिल तमाम उम्र मुझे ढूंढती रही.
कीजिए सब कुछ मगर अपनी जरुरत देख कर.
सम्भालने की भी एक हद होती है.