सुविचार 2929

अगर आपके साथ कोई घटना घटी तो ये आपका अनुभव नहीं है,

आपने उस घटना को कैसे संभाला ये आपका अनुभव है.

सुविचार 2928

चित्त को प्रसन्न रखने का स्वभाव बना लिया जाए,

तो दुःखों का समाधान हो सकता है.

मस्त विचार 2802

ज़िन्दगी मेला दिखाने ले गई थी एक दिन,

_ और फिर उँगली छुड़ा कर भीड़ में गुम हो गई !

ज़िन्दगी समझ नहीं आई तो, मेले में अकेला,

और समझ आ गई तो, अकेले में मेला..!!!

दुनिया में ज़िंदगी के ये मेले कम नहीं होंगे, अफ़सोस हम न होंगे.

_ इन मेलों में झमेले भी हैं, पर फिर भी इंसान इनके बीच ही जीना चाहता है.!!

सुविचार 2927

” व्यक्ति ” अपनी बेइज्जती माफ तो कर सकता है..

लेकिन बेइज्जती भूल जाना नामुमकिन है.

सुविचार 2926

जिस दिन आप अपनी हंसी के मालिक खुद बन जाओगे,

तब आपको कोई भी नहीं रुला सकता.

सुविचार 2925

जिम्मेदारियां वक्त देखकर नहीं आती, _ पर कंधे जरूर मजबूत कर जाती है.
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