मस्त विचार 2653
वो साथ भी नहीं, और हम आजाद भी नहीं.
वो साथ भी नहीं, और हम आजाद भी नहीं.
चाहे वो नींद से हो, या फिर वहम से हो..!!
जरुरत क्या है इतना दिमाग लगाने की,
हर इंसान समय से बदल जाता है,
बस तू सीख ले कला अपने को समझने की.
वो यह क्यों भूल जाते हैं कि उनके पास भी दो आँखें हैं.
आप जो कुछ भी हैं वह आपके पिछले कर्मों का परिणाम है और आप अभी जो कर रहे हैं वह आपका आने वाला भविष्य तय करेगा.
शायद जरूरतों ने ऊँची आवाज में बात की होगी.
ऐसी कश्ती को समंदर भी दुआ देता है.