मस्त विचार 2760

मुझे जिंदगी की सच्चाई तब पता चली, जब रास्ते में पड़े फूलों ने मुझसे कहा,

दूसरों को खुशबू देने वाले, अक्सर यूं ही कुचले जाते हैं.

मस्त विचार 2759

बनना है तो पानी की तरह बनो जो अपना रास्ता खुद बनाता है, _

_ बाकि पत्थर तो लोगों का रास्ता रोकते ही हैं ..

सुविचार 2884

दूसरों पर अपनी असफलता का दोष मढ़ने वाले

जिंदगी में कभी आगे नहीं बढ़ पाते हैं.

सुविचार 2883

– “हम विरोधी हो सकते हैं, दुश्मन नहीं।”

इस साधारण बात के मायने गहरे हैं. हर इंसान के लिए.. हम सबके लिए

मस्त विचार 2758

जीवन में कुछ व्यवहार करते समय नफा नुकसान नहीं देखना चाहिए।

अपने माध्यम से किसी को क्या सच में कुछ आनंद प्राप्त हुआ, यह देखना भी होता है।

सुविचार 2882

“what is understanding” “समझ क्या है”

बात समझ मे आ जाए तो करने को कुछ बाकी नहीं रह जाता

समझ ही करवा देती है जो करने योग्य है.

सुविचार 2881

*सफलता क्या है ??*

4 वर्ष की उम्र में सफलता यह है कि आप अपने कपड़ों को गीला नहीं करते।
8 वर्ष की उम्र में सफलता यह है कि आप अपने घर वापिस आने का रास्ता जानते है।
12 वर्ष की उम्र में सफलता यह है कि आप अपने अच्छे मित्र बना सकते है।
18 वर्ष की उम्र में मदिरा और सिगरेट से दूर रह पाना सफलता है।
25 वर्ष की उम्र तक नौकरी पाना सफलता है।
30 वर्ष की उम्र में एक पारिवारिक व्यक्ति बन जाना सफलता है।
35 वर्ष की उम्र में आपने कुछ जमापूंजी बनाना सीख लिया ये सफलता है।
45 वर्ष की उम्र में सफलता यह है कि आप अपना युवावस्था बरकरार रख पाते हैं।
55 वर्ष की उम्र में सफलता यह है कि आप अपनी जिम्मेदारियाँ पूरी करने में सक्षम हैं।
65 वर्ष की आयु में सफलता है निरोगी रहना।
70 वर्ष की उम्र में सफलता यह है कि आप आत्मनिर्भर हैं किसी पर बोझ नहीं।
75 वर्ष की उम्र में सफलता यह है कि आप अपने पुराने मित्रों से रिश्ता कायम रखे हैं।
80 वर्ष की उम्र में सफलता यह है कि आपको अपने घर वापिस आने का रास्ता पता है।
और 85 वर्ष की उम्र में फिर सफलता ये है कि आप अपने कपड़ों को गीला नहीं करते।
अंततः यही तो जीवन चक्र है.. जो घूम फिर कर वापस वहीं आ जाता है जहाँ से उसकी शुरुआत हुई है।
और यही जीवन का परम सत्य है।
संभाल कर रखना अपने को..
👍👍👍👍🙏🙏🙏🙏
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