सुविचार 2762
यह एक गहनतम तथ्य है कि हम जीवन में जितना झुकेंगे उतने ही जीवंत हो सकेंगे.
रिश्तों में माधुर्य तभी रह सकता है जब हम अपने अहम को परे रख कर ग़लती स्वीकारें और माफी माँगें.
यह एक गहनतम तथ्य है कि हम जीवन में जितना झुकेंगे उतने ही जीवंत हो सकेंगे.
रिश्तों में माधुर्य तभी रह सकता है जब हम अपने अहम को परे रख कर ग़लती स्वीकारें और माफी माँगें.
आराम की अधिकता अपने आप में एक दर्द है.
तुम सामने भी होंगे और हमें नज़रे झुकानी होगी…..
सजा दे रहा है अगर वो, कुछ तो गुनाह रहा होगा.
ये यहाँ वहां की खबरें तुझे बदगुमां कर देंगी…!!!
जबकि खुले विचार आपको एक बादशाह बना कर रखेंगे.
_ बेहतर यही है की हम जरूरतों की गल्ली में मुड़ जाएँ.!!
अपितु इसलिए दुखी हैं कि उनके सोचने का ढंग नकारात्मक है.
सकारात्मक सोचो, सकारात्मक देखो। इससे आपको अभाव में भी जीने का आनन्द आ जायेगा,
आपकी ख़ुशी इस बात पर निर्भर नहीं करती कि आपके पास कितनी सम्पत्ति है,
अपितु इस बात पर निर्भर करती है कि आपके पास कितनी समझ है.
जताओ तो कम लगता है छुपाओ तो ज्यादा लगता है.
खुद पर बीत जाने से समझ आती हैं.