सुविचार 2762

अहम का त्याग करके ही स्वयं को पहचाना जा सकता है.

यह एक गहनतम तथ्य है कि हम जीवन में जितना झुकेंगे उतने ही जीवंत हो सकेंगे.

रिश्तों में माधुर्य तभी रह सकता है जब हम अपने अहम को परे रख कर ग़लती  स्वीकारें और माफी माँगें.

मस्त विचार 2636

कहाँ ये जानते थे कि रस्में उल्फ़त कभी यूँ भी निभानी होगी….

तुम सामने भी होंगे और हमें नज़रे झुकानी होगी…..

सुविचार 2761

अपने रब के फैसले पर भला शक कैसे करूँ,

सजा दे रहा है अगर वो, कुछ तो गुनाह रहा होगा.

सुविचार 2760

डर हमेशा आपको एक कैदी बना कर रखेगा,

जबकि खुले विचार आपको एक बादशाह बना कर रखेंगे.

मस्त विचार 2634

ख्वाहिशों का मोहल्ला बहोत बड़ा होता है,

_ बेहतर यही है की हम जरूरतों की गल्ली में मुड़ जाएँ.!!

ख्वाहिशों का मोहल्ला बड़ा था, हम जरूरतों की गली मे मुड़ गए.!!

सुविचार 2759

इस दुनिया में बहुत लोग इसलिए दुखी नहीं कि उन्हें किसी चीज की कमीं है,

अपितु इसलिए दुखी हैं कि उनके सोचने का ढंग नकारात्मक है.

सकारात्मक सोचो, सकारात्मक देखो। इससे आपको अभाव में भी जीने का आनन्द आ जायेगा,

आपकी ख़ुशी इस बात पर निर्भर नहीं करती कि आपके पास कितनी सम्पत्ति है,

अपितु इस बात पर निर्भर करती है कि आपके पास कितनी समझ है.

सुविचार 2758

दर्द की फ़ितरत कुछ ऐसी ही है,

जताओ तो कम लगता है छुपाओ तो ज्यादा लगता है.

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