मस्त विचार 2715
ढह जाऊँ तो रेत सह जाऊँ तो पीर.
ढह जाऊँ तो रेत सह जाऊँ तो पीर.
जो बांटना जानते हैं.
अथवा नज्मों से हमारी कहानी मेल खाती है, हम उन्हें ही अपना पसंदीदा मान लेते हैं, _
उन्हें सुनते या गाते हुए मुस्कुराते रहते हैं और खुश होते रहते हैं और जो खुश नहीं होते उनकी कहानी ही कुछ और होती है.
_गैरों को क्या पता रग कौनसी दबानी है..!!
_उन अपनों से जो अपने होने का आडम्बर रचते हैं, _दरअसल वे कभी हमारे नहीं होते..!!
nothing is impossible. This is the key of success.
एक आदमी के लिए जो जीवन में एक लक्ष्य रखता है और उसके अनुसार काम करता है,
कुछ भी असंभव नहीं है। यही सफलता की कुंजी है.
गलत समझने से बेहतर होता है.
असलियत मैं वही चीज आपके दुखों की वजह बनती है.
_ तो जो मिला हुआ है उसको भी खो दोगे.
_ परंतु जो प्राप्त था, उसे खो कर फिर पाना अत्यंत कठिन है !!
पर शब्द सभी को स्पर्श कर जाते हैं.