मस्त विचार 2628
उडने दो मिट्टी को, आखिर कहाँ तक उडेगी…
हवाओं ने जब साथ छोडा तो, आ कर जमीन पर ही बिखरेगी……
हवाओं ने जब साथ छोडा तो, आ कर जमीन पर ही बिखरेगी……
और बाकी आधे लोगों का खयाल है कि आप इसी लायक हो.
झांकना खुद की झोली में है कि कहीं कोई ‘सुराख’ तो नहीं*
पैसा एक अच्छा नौकर बनाता है, लेकिन एक बुरा मालिक.
जो आपसे वह करवा लेती है, जिसे करना सबके वश में नहीं होता.
सही हो तो गुमराह नहीं होने देते…!
यहां मंजर खामोशियों का है तो फ़िर क्या किया जाये.
*यह है* *कि* *वो उन लोगों की भी इज्जत करता है*,
*जिनसे उसे किसी किस्म के* *फायदे की उम्मीद नही होती*..!!
मगर कुछ खामोशियों के ज़ख्म तो और भी गहरे निकले !