सुविचार 2670
यदि आप स्वयं से संतुष्ट नहीं हैं,
तो अपने जीवन से कभी भी संतुष्ट नहीं हो सकते.
तो अपने जीवन से कभी भी संतुष्ट नहीं हो सकते.
और मैं ज़िन्दगी भर गैरों से डरता रहा।।
_ किसी के जीवन में कभी भी आ सकता है…प्रतिकूल समय में लगातार चलते रहना ही जीवन का सौंदर्य होता है.
जो जगत के संग नाच उठे,,,,,वो ही है विरला ज्ञानी.
जो इंसान सबको खुश रखना चाहता है.
और संबंध ऐसे हों जो याद करने को मजबूर कर दे !!
_ सुबह कि रोशनी में तो हर कोई चमकता है ..
उन पर समय बर्बाद न करें.
दर्द अपरिहार्य है, __ दुख वैकल्पिक है.