सुविचार 2748
वरना, इंसानियत से बड़ा रिश्ता कौन सा है.
_ अब, पैसा ही सब कुछ है.. _कितना बदल गया इंसान ?
वरना, इंसानियत से बड़ा रिश्ता कौन सा है.
_ अब, पैसा ही सब कुछ है.. _कितना बदल गया इंसान ?
बस जरा चुप हो जाएं तो सुनाई देगा.
पर ये भूल जाते हैं कि बीज खुद उन्होंने ही बोया है…
पल दो पल साथ रह कर मेरी आदत ना खराब करो.
बीमारी और कुछ नहीं बल्कि कुदरत का बदला है जो किसी के भी खिलाफ जाने पर ले लेती है.
क्यूँकि
आपने कई बार मौत भी माँगी होती है…
इसलिए उसका धन्यवाद करें…जो आपको आपसे ही बचाता है !!”
बस इंसान ही है जो किसी भी वक्त बदल जाता है.
कोई थोड़ा सा मीठा बोले तो मैं बिक जाता हूँ.
_ इसलिए प्रत्येक परिवर्तन को सकारात्मक रूप से स्वीकार करना चाहिए…
_ केवल परिवर्तन का विरोध पीड़ादायक होता है ..
_ लेकिन आपको अपनी हर बात का ज्ञान होना चाहिए..