मस्त विचार 2478
इतना भी क्यूँ जिद्दी बना बैठा है सीने में !!
इतना भी क्यूँ जिद्दी बना बैठा है सीने में !!
तो कद नापना बेकार है आसमान का.
हमने अपने हमदर्द को हमारा दर्द बनते देखा है.
मान लेना हर किसी के बस की बात नहीं.
इंसान वो, जो बुरे वक़्त में साथ मिलकर
फिर अच्छे वक़्त को वापस लाए.
चार दिन की ज़िन्दगी है, चैन से बसर कीजिये…
न परेशान किसी को कीजिये,न हैरान किसी को कीजिये,
कोई लाख गलत भी बोले, बस मुस्कुरा कर छोड़ दीजिये…
न रूठा किसी से कीजिये, न झूठा वादा किसी से कीजिये,
कुछ फुरसत के पल निकालिये, कभी खुद से भी मिला कीजिये.
वो भी मेरी ही तरह शहर में तन्हा होगा –
– निदा फाजली
अपने आप को एक रंग के रूप में देखें, _ आप हर किसी के पसंदीदा नहीं हो सकते हैं, लेकिन एक दिन आप किसी ऐसे व्यक्ति से मिलेंगे, जिसे अपनी तस्वीर को पूरा करने के लिए आपकी आवश्यकता होगी.
आँखों को ये हुनर कभी आया ही नहीं…