मस्त विचार 2556
ये कह के दिल ने मेरे हौसले बढ़ाए हैं,
ग़मों की धूप के आगे ख़ुशी के साये हैं.
ग़मों की धूप के आगे ख़ुशी के साये हैं.
वास्तविकता वह है, जिस पर विश्वास करना बंद करने पर, दूर नहीं होता है.
आप का आज कैसा होना चाहिए, उसमें आप क्या करें, क्या न करें – यह सब पूरी तरह आपके उपर निर्भर है.
अब तू ही बता अब इस से ज़्यादा और कैसे चाहूँ तुझे..
जिस दिन पत्थर बना, लोगों ने देवता मान लिया.
तो इंसान मतलबी न होता.
टूट अगर हम गए तो बिखर तुम भी जाओगे.
वही लोग जिन्दगी को सच्ची तरीके से जीते हैं.
लेकिन पता सब है कि कौन कितने पानी में है.