सुविचार 4698
बोलकर सोचने से बेहतर है सोच कर बोलना…
जो हम नहीं सोचते हैं जिंदगी वो होती है..!!
दिल तुमको ही चाहे _ तो क्या किजिए…।।
_ कोई आपको गुस्सा नहीं दिला सकता और कोई आपको खुश भी नहीं कर सकता.
ज़िंदगी हम को बस ऐसे ही आज़माती रही..!!
उसकी सफलता दुनिया की कोई ताकत नहीं रोक सकती.
अपने कानों को “साक्षी” न होने दें जो आपकी आंखों ने नहीं देखा … और अपने मुंह को वह न बोलने दें _ जो आपका दिल महसूस नहीं करता है.