मस्त विचार 2508
पर गम देने वाले भी अजनबी नहीं होते…
पर गम देने वाले भी अजनबी नहीं होते…
स्थिर जल धीरे-धीरे मलीन हो जाता है और पीने योग्य नही रह जाता है.
दान और भोग विहिन धन स्वत: नष्ट हो जाता है.
*उसी प्रकार से निष्क्रियता मस्तिस्क की ताकत सोख लेती है ,मनुष्य धीरे -धीरे अवसाद का शिकार हो जाता है,
इसलिए निरन्तर सक्रिय रहें .*
जीवन है विपरीत आयामों में खुद को ढाल लेना.
_ दूसरों को खुश रखने के लिए जरुरी है कि पहले हम खुद को खुश रखें.
_ रोज कुछ वक्त अपने साथ बिताएं, अपनी जिंदगी की प्राथमिकताएं तय करें.!!
_ तो अभी ढंग से जीवन देखा नहीं हमनें.!!
*वो उन लोगों की भी इज्जत करता है*,
*जिनसे उसे किसी किस्म* *के* *फायदे की उम्मीद* *नही* *होती..
नसीब बिगड़ा तो… गूंगे बुराई करने लगे
हमारे क़द के बराबर न आ सके जो लोग हमारे पाँव के नीचे खुदाई करने लगे ….!!!
और” असफलता” को अपना नसीब.
अगर आज का दिन अच्छा नहीं था _ तो कल आपको हमेशा दूसरा मौका देगा.