मस्त विचार 2407
जिन पर लुटा चुका था मैं दुनिया की दौलतें,
उन वारिसों ने मुझको कफ़न भी नाप के दिया.
उन वारिसों ने मुझको कफ़न भी नाप के दिया.
तो तुरंत उसकी अच्छाइयों को याद करें.
बे फ़िक़्र हो जाओ आप तो दिल में रहते हो.
तो दुआएँ भी मुसीबत के पल बदल सकती हैं.
उन्होंने खामोश रहकर दूरियां बढ़ा दी.
उसे अपना वर्तमान नही बर्बाद करना चाहिये.
जिनको हमें छूने की औकात नहीं होती.
हम तो निकल चुके हैं अब आँख से आंसू की तरह.
सफलता से मन शांत नही भी हो सकता है परंतु संतुष्टि से मन जरूर शांत रहता है.