मस्त विचार 2489
खुद से मिलने की भी फुरसत नहीं है अब मुझे,
और जमाना औरों से मिलने का इलज़ाम लगा गया…
और जमाना औरों से मिलने का इलज़ाम लगा गया…
लेकिन मूर्ख व्यक्ति हमेशा खुद को परफेक्ट समझता है
वह खुद से होशियार और किसी को नहीं समझता.
ना जाने घर में कितनों का हौसला हूँ मैं.
क्योंकि उन ख्वाहिशों के कारण जिन्दगी जीने की चाहत बनी रहती है.
और यहां तुम फिक्र में पड़ जाते हो किसी दूसरे को बदलने की !
मर्जी आपकी, आप वापस क्या पाना चाहते हैं ?
_ हिस्से में किसी के, ऐसा सफर न आए !!
खुशी कोई ऐसी चीज नहीं है जिसे आप भविष्य के लिए टाल दें; यह कुछ ऐसा है जिसे आप वर्तमान के लिए डिजाइन करते हैं.