मस्त विचार 2398
मैंने चुप रह के बाज़ी पलट दी..
मैंने चुप रह के बाज़ी पलट दी..
उससे थोड़ा दूर ही रहना चाहिए..
तुम अपने आप को खुद ही बदल सको तो चलो..
मांगने पर नहीं मिलता…जागने पर मिलता है.
एक इंसान अपनी पूरी जिंदगी जीता है और जीवन भर बहुत सारे काम भी करता है, लेकिन बूढ़े हो जाने के बाद याद आता है कि हम अपनी जिंदगी को और सुनहरा बना सकते थे, इसमें और रंग भर सकते थे.
सभी के सर पे ज़िम्मेदारियाँ हैं.
मुस्कुराओ तो लोग जलते हैं, तन्हा रहो तो सवाल करते हैं.
जरुरी नहीं की जो आज तुम्हारे साथ है वो कल भी तुम्हारे साथ रहे.
गहरा वही हो सकता है जिसने गहरी चोटें खाई हो…
मैंने खुद देखा है भरोसा करके.