मस्त विचार 2543
यहाँ कौन रह सका अकेला, अकेले रहने और जीने की बात बेमानी.
जो जगत के संग नाच उठे,,,,,वो ही है विरला ज्ञानी.
जो जगत के संग नाच उठे,,,,,वो ही है विरला ज्ञानी.
जो इंसान सबको खुश रखना चाहता है.
और संबंध ऐसे हों जो याद करने को मजबूर कर दे !!
_ सुबह कि रोशनी में तो हर कोई चमकता है ..
उन पर समय बर्बाद न करें.
दर्द अपरिहार्य है, __ दुख वैकल्पिक है.
जाने कितना ज़हर भरा, अब लोगों की बोली में.