Break – ब्रेक, छुट्टी, रुकना, ठहरना, आराम, विश्राम, धीमी ज़िंदगी, Slow life, Relaxation

जीवन में दौड़ने के साथ रुकने की कला भी सीखनी है और जब रुकना होता है.. उस समय क्या करना होता है, ये भी जानना बहुत जरूरी है..

_ क्योंकि जिन पलों में हम रुके हुए होते हैं, उन पलों में हम आगे के लिए खुद को तैयार कर रहे होते हैं..!!

कभी-कभी रुकना भी उड़ान का ही हिस्सा होता है, रुकना हार नहीं है.

_ यह उड़ान से पहले पंखों को समेटने जैसा है.

_ हर ठहराव दिशा बदलने नहीं, भीतर की थकान सुनने आता है.

_ अगर आज गति नहीं है, तो शायद तैयारी चल रही है.!!

थक चुके हो तो रुक जाओ… इन भावनाओं से, परिस्थितियों से, दुःखो से थोड़ी देर के लिए छुट्टी ले लो… कहीं ठहर कर आराम कर लो… आराम करना हमेशा गलत नहीं होता…!!
अब जीवन एक प्रोडक्ट बन गया है, इसलिए हमें अपनी सीमाएं तय करनी होंगी.

_ वरना भागते हुए ज़िन्दगी गुज़र जाएगी और हाथ कुछ भी नहीं आएगा.!!

कभी-कभी ब्रेक लेना ठीक रहता है ; _ जब चीजें आपके हाथ से निकल रही हों, तो अपनी हथेली खोलना ठीक है और सब कुछ खाली रहने दें.

मैंने आखिरकार इसे सीख लिया है, शायद इसलिए कि मुझे यही करना था.

मैं उन चीजों पर जोर नहीं दे सकता _ जिन पर मेरा नियंत्रण नहीं है; इस तरह मैं अपने आप को तनावपूर्ण बना रहा था _ जैसे कि मेरे जीवन से कुछ हमेशा के लिए गिर गया हो _ और इसने मेरे काम और जीवन को प्रभावित किया.

और मेरे मन में जो तनाव था _ वह मेरे लिए कुछ भी हल नहीं कर रहा था ; _ यह सब कुछ जटिल बना रहा था ; _ मानो इतनी पेचीदगियों में जी रहा हूं कि _ सुलझाना मुश्किल है.

_ तनावग्रस्त रहना ही मेरा एकमात्र विकल्प बन गया _ क्योंकि मेरे दिमाग ने मुझे अपने आप में इतना उलझा लिया कि मैं वास्तविक समस्या को हल करने के बारे में ही भूल गया.

मैं मूर्ख बन रहा था, _ जब तक कि एक दिन मुझे एहसास हुआ कि _ मुझे चीजों को अलग तरीके से _ क्यों और कैसे हल करना चाहिए.

_ मैं चीजों को अलग तरह से क्यों नहीं देख सकता और कुछ चीजें छोड़ देता हूं जो मुझे तनाव और दर्द दे रही हैं ? _ अगर मैं किसी चीज़ को नियंत्रित नहीं कर सकता, तो बेहतर है कि इसे छोड़ कर आगे बढ़ जाऊँ ; _ और उन चीजों पर ध्यान केंद्रित करूँ _ जिन्हें मैं नियंत्रित कर सकता हूं.

लेकिन उसके लिए मुझे ब्रेक लेना पड़ा _ जो मैं ले सकता था ; _ मैंने अपनी मुट्ठियाँ, हथेलियाँ और बाँहें इतनी चौड़ी खोल दीं कि_ ऐसा लगा जैसे हवा मेरे फेफड़ों में आ जाए और मेरे द्वारा पकड़े हुए कचरे को दूर ले जाए.

और तब से, भले ही मैं अपने जीवन में बेहतर नहीं कर पा रहा हूं, मैं अपने आप से कहता हूं कि अगर यह मेरे लिए नहीं है तो सब कुछ रोक दूँ. _क्योंकि जो मेरे लिए है वो मेरे पास आएगा..

मैंने आज खुद को याद दिलाया कि जीवन में चौबीस घंटे से बढ़कर भी कुछ है. _ सभी लोग आपको बता रहे हैं कि.. आपको जल्दी करनी है, आपके दिमाग में यह विचार भर रहे हैं कि समय कम है.

_ जल्दी करने की कोई जरूरत नहीं है _क्योंकि चीजें एक दिन या एक महीने में नहीं बनती हैं. जीवन आसान और लंबा है, इतना छोटा और कठिन नहीं.. जितना लोग कहते हैं.

_ मैंने अपना जीवन कठिन बना लिया था.. क्योंकि मुझे खुद से बहुत ज्यादा उम्मीद थी.

_ मैंने सब कुछ एक जगह या एक दिन में नहीं समेटना सीखा ; एक वर्ष में 365 दिन होते हैं, और कौन जानता है कि.. आपको अभी भी कितने दिनों का पता लगाना है.

_ एक दिन में एक चीज के साथ काम करें और खुद को थोड़ा स्पेस दें.

_ और अगर चीजें ठीक नहीं चल रही हैं, तो यह पता लगाने की कोशिश करें कि आप उन्हें कैसे हल कर सकते हैं, _क्योंकि ऐसा कुछ भी नहीं है.. जिसे आप हल नहीं कर सकते.. जो आपके जीवन में हो रहा है. – यह इसलिए हो रहा है.. क्योंकि आप इसे संभालने में सक्षम हैं; आप अपनी अपेक्षाओं से परे नहीं हैं. _चीजें आपके नियंत्रण से बाहर नहीं हैं. ऐसा कुछ भी नहीं हो रहा है.. जो आपके जीवन में नहीं होना चाहिए.

_ सब कुछ समय पर है; चीजों में जल्दबाजी न करें और न एक ही बार में उन सभी के साथ अपने दिमाग को व्यस्त कर लें ; _ आपका दिमाग एक साथ कई चीजों पर काम करने के लिए नहीं बनाया गया है,

_ जब आप अपनी भावनाओं, चीजों और लोगों को मिलाते हैं तो यह अराजकता पैदा करता है ; सभी को अपनी जगह पर रखें.!!

ज्यादा से ज्यादा करने से जिंदगी नहीं बदलती; यह कम करके और यह जानकर बदल जाती है कि क्या कम करना है ;

_ अधिक करने से आपके मन में अव्यवस्था पैदा होती है; यह आपको एक पाश में फँसा देता है जहाँ आप यह तय नहीं कर सकते कि पहले क्या करना है,

_ जैसे मैं करता हूँ _ अपना काम पूरा करने के बाद _ कम करने से खाली समय मिलता है; इससे शांति मिलती है. _ यह आपके दिमाग को स्पष्ट करता है और आपकी सोच को व्यापक बनाता है; यह आपको लूप तोड़ने में मदद करता है.

_ और अब मैं यह समझ गया हूँ: मुझे एक बार में बहुत से काम करने की ज़रूरत नहीं है! मैं जितना सक्षम हूं उससे कम करने की जरूरत है.

_ ऐसा करने से, मैं अपने विचारों पर दबाव कम कर रहा हूँ; अब मुझे केवल एक ही चीज़ के बारे में सोचना है ; _ कभी-कभी, जब आप बहुत कुछ करने में सक्षम होते हैं, तो आप सब कुछ करने की कोशिश करते हैं और अंत में कुछ भी पूरा नहीं कर पाते हैं ; _ जो एक प्रकार की असफलता है.

सफलता इस बारे में नहीं है कि आप कितनी चीज़ें कर सकते हैं; यह इस बारे में है कि आप कितनी चीजें पीछे छोड़ सकते हैं और केवल एक चीज पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं.

_ यह एक चीज़ को पूरा करने के बारे में है, न कि सब कुछ शुरू करने और उसमें से किसी को पूरा करने में सक्षम नहीं होने के बारे में !!

आप अक्सर थका हुआ महसूस करते हैं, इसलिए नहीं कि आपने बहुत अधिक काम किया है, _ बल्कि इसलिए कि आपने वह काम बहुत कम किया है जो आपके भीतर रोशनी बिखेरता है.

क्या होगा यदि हम बहुत अधिक काम नहीं कर रहे हैं, बल्कि वास्तव में जो मायने रखता है वो काम बहुत कम कर रहे हैं ?

यह कठिन कार्य नहीं है जो हमें सबसे अधिक थका देता है, यह अर्थहीन कार्य है जो हमें सबसे अधिक थका देता है.

रोज काम-काम में हम इतने उलझ गए हैं.. कि बस एक दिन आराम की ख्वाहिश रहती है.

_ पर जब छुट्टी आती है — तो सन्नाटा ही साथ मिलता है.

_ शायद अब हम थकना तो जानते हैं, पर सच में आराम करना भूल चुके हैं.!!

हमसे से अधिकतर लोगों को नहीं पता कि ‘उन्हें क्या चाहिए,?’

_ वो क्यों रोज एक जैसी जिंदगी को जिए जा रहे है.

_ हम में से अधिकतर लोग अपनी आदतों और जिम्मेदारियों दोनों दीवारों के बीच में चलते रहते हैं,

_ बिना रुके बिना सोचे कि वाकई हमें जीवन में क्या चाहिए और हम क्यों जी रहे हैं ऐसे.

_ लोग इतने व्यस्त है कि वो स्वयं खुश है या नहीं ये भी सोच नहीं पाते.!!

कभी-कभी यूँ ही बेवजह कहीं निकल जाना भी बड़ा सुकून दे जाता है..

_ मानो एक पल को ज़िंदगी की सारी भागदौड़ रुक जाए..

_ खुले आसमान के नीचे चलते हुए, हवा का हर झोंका अपने भीतर की थकान उतार देता है..

_ रास्ते भी जैसे कहने लगते हैं कि कुछ देर खुद के लिए जी लेना भी जरूरी है.!!

व्यवस्था [system] ने हमें कुशल तो बनाया है, लेकिन शांत नहीं.

_ हमने दौड़ना तो सीख लिया है, लेकिन भूल गए हैं कि हम कहाँ जा रहे हैं.!!

अगर दूसरे को खिलता देखना चाहते हो तो उसे उसका स्पेस देना होगा,

_ लेकिन यहां हर कोई कब्जा जमाए बैठा है और दूसरे को बताने, जताने, और समझाने की बड़ी जल्दी है.!!

हर सुबह आंखें खोलते हैं, जैसे कोई बोझ उठाना हो,

_ हर शाम लौटते हैं जैसे किसी सजा की अवधि पूरी करनी हो..

_ ना जीने में रस है, ना मरने में डर..

_ बस एक अनकहा इंतज़ार कि कोई आये.. जो इस जीवन की पीड़ा को समझे,

_ जो बिना सवाल पूछे बस कह दे.. अब और नहीं चलो..

_ मैं तुम्हें इस बोझ से मुक्त करने आया हूँ…!

“सोने की तलाश में हमने खो दिया हीरा”

_ यह मुहावरा कितना सच है, जीवन में हम उन चीजों पर ध्यान केंद्रित करते हैं.. जो करने में अच्छी होती हैं.. _ लेकिन हम अंत में महत्वपूर्ण लोगों या चीजों को भूल जाते हैं और बाद में पछताते हैं.

_ हम कुछ लोगों या चीजों पर बहुत अधिक विश्वास करते हैं.. जो इतना महत्वपूर्ण नहीं है ;

_ उस हीरे को खोजने के सही तरीके पर काबू पाने और ध्यान केंद्रित करने का सबसे अच्छा तरीका है कि मैं एक समय में एक चीज ले रहा हूं, न कि बहुत अधिक बोझ.!!

“इस आंख ने बहुत कुछ देखा है”

_ वो किताबों के अक्षर, वो फिल्मों के पोस्टर, रातों के तारे, दिन के गुबार, शाम के धुंधलके, वो सावन, वो बारिश की बूंदें..

_ वो खुशी और गम में ..इन्हीं से छलकते आंसू..

_ वो बच्चों की किलकारियां और बड़े हो कर उनका सेटल हो जाना,

_ बीवी कि एक ज़िम्मेदार गृहणी की भूमिका ..जो कि होममेकर और लाइफमेकर दोनों रही,

_पिताजी की मशक्कत से लेकर झुक कर चलने की अदा, वो बहनों की राखियां, वो पसीने से भीग जाने की रियावयत, दोस्तों की बदमाशियां… सब देखा है इस आंख ने..

_अभी भी कुछ ख्वाब हैं इस आंख के…

_ थोड़ा घूमना-फिरना..

..वो सुकून से जीने के चार दिन, वो बिना चिंता के सुबह आंख का खुलना, आराम, सुकून की चाह..

_ बस इनके बंद होने से पहले ये कुछ देख लेना चाहता हूं..!!

_जिंदगी खत्म होनी है तो ..क्यों ना दुनिया के खूबसूरत रंग देखकर ..इसका उपयोग किया जाए ..

_अब बस यही जीना है जी भर के… Live Life… “जिंदगी मिलेगी न दोबारा..”

“अगर आप जीवन को जानते हैं, तो आप आराम महसूस करेंगे”

_ यह पंक्ति बताती है कि सच्चा आराम प्रयास या पलायन से नहीं, बल्कि जीवन को वैसा ही समझने से आता है जैसा वह है.

_ जब हम वास्तविकता का विरोध करना बंद कर देते हैं और नियंत्रण के भ्रम को छोड़ देते हैं, तो एक शांत सहजता उभरने लगती है.

• जीवन की प्रकृति को समझना: _ जीवन अप्रत्याशित है और लगातार बदल रहा है. _ इसे निश्चित या निश्चित बनाने की कोशिश करने से केवल तनाव ही पैदा होता है. _ लेकिन जब हम वास्तव में देखते हैं कि परिवर्तन और अनिश्चितता जीवन की संरचना का हिस्सा हैं, तो हम इससे लड़ना बंद कर देते हैं – और इससे शांति मिलती है.

• वर्तमान में जीना: _ हमारी ज़्यादातर चिंता अतीत को पीछे छोड़ने या भविष्य के बारे में चिंता करने से आती है. _ विश्राम तब आता है जब हम पूरी तरह से मौजूद होते हैं – बस यहीं, बस अभी – बिना किसी निर्णय या जल्दबाजी के.

• नियंत्रण से ज़्यादा स्वीकृति: _ लोगों, घटनाओं या परिणामों को नियंत्रित करने की कोशिश करने से सिर्फ़ तनाव बढ़ता है. _ असली आराम तब मिलता है जब हम चीज़ों को वैसे ही रहने देते हैं, जब हम जीवन को अपनी लय में चलने देते हैं.

• प्रवाह पर भरोसा करना: _ जीवन को जानने का अर्थ है इस बात पर भरोसा करना कि कठिन क्षणों का भी अपना स्थान होता है. जब हम यह चाहना छोड़ देते हैं कि सब कुछ “हमारे हिसाब से” हो, तो हम एक गहरी शांति का द्वार खोलते हैं – जो परिस्थितियों पर निर्भर नहीं करती.

संक्षेप में, विश्राम कोई ऐसी चीज़ नहीं है जिसे आप हासिल करना चाहते हैं या जिसका आप निर्माण करना चाहते हैं. _ यह वह चीज़ है जो तब बचती है जब आप जीवन को समझते हैं, स्वीकार करते हैं और उस पर भरोसा करते हैं. – SACHIN

भविष्य में कहीं न कहीं आपका एक संस्करण फुसफुसा रहा है: “धीमा हो जाओ… इस पल का थोड़ा और स्वाद लो”

_ जब अस्तित्व आपके हृदय में कोई लालसा उत्पन्न करता है, तो उस पर विश्वास करें – यह आकस्मिक [accidental] नहीं है.

_ आपका शरीर ही आपका असली घर है.

_ नौकरियाँ, घर, कार – ये सब आते-जाते रहते हैं.

_ अपने शरीर को मंदिर की तरह समझो, नहीं तो एक दिन तुम अपने शरीर के अंदर बेघर महसूस करोगे.

_ कभी-कभी जिस नीरसता का आप विरोध करते हैं, वह वास्तव में जीवन द्वारा आपको दिया जाने वाला वह मौन है, जिसकी आप कभी भीख मांगते थे.

_ अगर आप दूसरों की वाहवाही के लिए जीते हैं, तो उनकी खामोशी से आप बिखर जाएँगे.

_ पानी की तरह बहो – उनकी राय में मत फँसो.

_ आप क्या बन रहे हैं, यही सबसे ज़्यादा मायने रखता है.

_ अतीत मर चुका है – उसे दफना दो.

_ पल-पल नया बनो.

_ खोज में वर्षों बीत जाते हैं… फिर स्पष्टता का एक क्षण सब कुछ जला देता है.

_ आपमें सबसे मजबूत होने का कोई दूर का भविष्य नहीं है – यह यहीं है, अभी.

_ जो झूठ है उसे छोड़ दें, और आपको स्पष्ट रास्ता दिखाई देगा.

_ जब हम ईमानदार होते हैं, तभी असली यात्रा शुरू होती है.!!

– SACHIN

“जीवन एक यात्रा है – कभी आसान, कभी कठिन” इस राह पर हम सभी मुसाफिर हैं.

_ कोई मंज़िल पास दिखती है तो कोई बहुत दूर,

_ लेकिन एक सच हर किसी के लिए समान है: हर इंसान को दूर चलना पड़ता है.

_ और जब राह लंबी हो, तो बीच-बीच में ठहराव भी जरूरी होता है.

_ आज की दुनिया ने रफ्तार को अहमियत दी है – जो जितना तेज़ दौड़े, वो उतना सफल माने जाता है.

_ लेकिन क्या आपने कभी सोचा है, रुकना भी तो एक कला है ?

_ हर थके कदम को राहत चाहिए, हर भरे मन को सुकून की तलाश होती है.

_ इसीलिए कभी-कभी खुद से कहना चाहिए – थोड़ा आराम कीजिए.

_ थोड़ा ठहरना नाकामी नहीं है, ये समझदारी है.. यह वह पड़ाव है.. जहां हम खुद से दोबारा जुड़ते हैं, अपनी थकान को महसूस करते हैं और आने वाले सफर के लिए खुद को फिर से तैयार करते हैं.

_ जैसे किसी पेड़ को फल देने से पहले सर्दियों में शांत रहना पड़ता है, वैसे ही हमें भी खुद को रीचार्ज करने के लिए रुकना पड़ता है.

_ जब हम ठहरते हैं, तो हमें अपने भीतर की आवाज़ सुनाई देती है – जो तेज़ भागते हुए अक्सर दब जाती है.

_ तब हमें याद आता है कि यह यात्रा सिर्फ मंज़िल तक पहुंचने की नहीं, बल्कि हर कदम को महसूस करने की भी है.

_ इसलिए जब लगे कि बोझ बढ़ रहा है, कि सांसें थक रही हैं, कि दिल उदास है – तो खुद से कहिए: थोड़ा आराम कीजिए.

_ क्योंकि रास्ता अभी लंबा है, और हर इंसान को कहीं न कहीं बहुत दूर तक चलना ही होता है.

– Rahul Jha

आज के तेज़ दौड़ते युग में “धीमी ज़िंदगी [SLOW LIFE]” एक अंतर-यात्रा जैसा विकल्प है –

_ जिसमें जीवन की गहराई, उपस्थति, और सुकून को महत्व दिया जाता है, न कि केवल गति को.

🌿 स्लो लाइफ [SLOW LIFE] जीने का अर्थ क्या है ?

> “धीमी जिंदगी” का मतलब है – जीने की हर क्रिया में पूरी उपस्थिति के साथ होना.

_ ये “स्लो होना” नहीं, बल्कि “सच्चे मन और विवेक के साथ जीवन को चखना” है.

🔹स्लो लाइफ का मूल तत्व क्या होता है ?

🧘‍♂️ Present Moment Awareness – हर काम को जल्दी-जल्दी नहीं, पूरी उपस्थति के साथ करना.

☕ Mindful Routines – चाय पीना हो या सवेरे का योग – उसमें मन से शामिल होना.

🌿 Less is more – समान काम, व्यवस्तता कम, लेकिन अनुभव अधिक.

📱 Digital Discipline Mobile और screens से दूर रहकर जीवन से जुड़ना.

🤝 Gehre Sambandh – दोस्ती, बातें और समय – सब सच्चे और गहरे..

🐢 Apni gati pe jeena – अपनी गति पर जीवन का आनंद लेना – तुलना और दौड़ से परे.

> “जहां वक्त घड़ी से नहीं, सांसों से गिना जाता है – वहां स्लो लाइफ जी जाती है”

“Slow life वो कला है – जहां जीवन की हर सांस एक गीत बन जाती है.”

“Slow life जीवन को भागना नहीं सिखाता, – बल्कि “रुक कर देखना, महसूस करना, और ध्यान से जीना” सिखाता है”

“Slow life” एक कल्पना नहीं, बल्कि दुनिया के कई लोगों और जगहों का जीवन-स्थल बन चूका है –

_ जहां लोग समय को जीते हैं, दौड़ते नहीं.

🌍ऐसी जगहें या संस्कृतियाँ [cultures] जहाँ लोग “SLOW LIFE” जीते हैं:

🇮🇹 1. Italy – Tuscany ya Amalfi Coast _ लोग हर काम को कला [Art] की तरह करते हैं – खाना बनाना, बातें करना, बागवानी [Gardening] करना. _ यहाँ “la dolce vita” का concept है — “the sweet life”. _ लोग काम से ज़्यादा जीवन की आनंदमयी गुणवत्ता [Quality] पर ध्यान देते हैं.

🇯🇵 2. Japan – Okinawa _ यहां के लोग इकिगाई [Ikigai] के साथ जीते हैं – जीवन का अर्थ और शांति पाने के लिए. _ बहुत कम व्यक्ति तनाव [stress] लेते हैं, और कई लोग 100 साल तक जीते हैं. _ वहां का जीवन slow, simple और nature-centric है.

🇳🇴 3. Norway – The “Friluftsliv” Culture Friluftsliv = “Open-air living”. _ Norway के लोग प्रकृति के साथ समय बिताते हैं – बिना जल्दी के. _ Nature walks, fireplace evenings, और no rush mentality उनके culture में बस गयी है.

🇪🇸 4. Spain – Andalusia Region Siesta culture — दोपहर को आराम और शांति के लिए पूरी लाइफस्टाइल बना रखी है. _ समय पर खाना, समय पर आराम, और लोगों के साथ जीवन को सेलिब्रेट करना यहां आम है.

🇮🇳 5. India – Rishikesh, Auroville, Himachali गावों में.. Rishikesh ya Auroville जैसे स्थल slow, conscious living के प्रतिनिध हैं. _ यहाँ लोग व्यक्ति और समुदाय के रूप में mindful और soulful जीवन जीते हैं.

_ “Less consumption, more presence” यहां की सोच है.

🧘‍♂️ क्या कोई व्यक्ति slow life जीता है ? हाँ !!

_ आज भी कई लोग — minimalist, seekers —ऐसे जीवन को अपना चुके हैं :

_ और कई लोग जो silently अपने ही गांव ya nature के पास रहकर… मानव और prakriti के मेल से जीवन जी रहे हैं.

> “जहां वक्त घड़ी से नहीं, सांसों से गिना जाता है – वहां धीमी जिंदगी [SLOW LIFE] जी जाती है”

“अगर आप जीवन को जानते-समझते हैं, तो आप तनावमुक्त रहेंगे”

_ यह पंक्ति बताती है कि सच्चा तनावमुक्ति प्रयास या पलायन से नहीं, बल्कि जीवन को उसके वास्तविक रूप में समझने से आता है.

_ जब हम वास्तविकता का विरोध करना बंद कर देते हैं तो एक शांत सहजता उभरने लगती है. इस विचार पर एक गहन चिंतन [Deeper Reflection] प्रस्तुत है :-

• जीवन की प्रकृति को समझना: • Understanding the Nature of Life:

_ जीवन अप्रत्याशित है और निरंतर बदलता रहता है.

_ इसे निश्चित बनाने की कोशिश केवल तनाव पैदा करती है.

_ लेकिन जब हम वास्तव में यह समझ जाते हैं कि परिवर्तन और अनिश्चितता जीवन की संरचना का हिस्सा हैं, तो हम इससे लड़ना बंद कर देते हैं—और इससे शांति मिलती है.

• वर्तमान में जीना: • Living in the Present:

हमारी ज़्यादातर चिंताएँ अतीत को पीछे छोड़ने या आगे क्या होने वाला है, इसकी चिंता करने से आती हैं.

_ सुकून तब मिलता है जब हम पूरी तरह से मौजूद होते हैं—बस यहीं, बस अभी—बिना किसी निर्णय या जल्दबाज़ी के.

• नियंत्रण से ज़्यादा स्वीकृति: • Acceptance Over Control:

लोगों, घटनाओं या परिणामों को नियंत्रित करने की कोशिश करने से तनाव बढ़ता ही है. _ असली सुकून तब मिलता है जब हम चीज़ों को अपने हाल पर छोड़ देते हैं, जब हम ज़िंदगी को अपनी लय में चलने देते हैं.

• प्रवाह पर भरोसा: • Trusting the Flow:

जीवन को जानना इस बात पर भरोसा करना है कि कठिन क्षणों का भी अपना स्थान होता है। जब हम यह चाहना छोड़ देते हैं कि सब कुछ “हमारे अनुसार” हो, तो हम एक गहन शांति का द्वार खोलते हैं—जो परिस्थितियों पर निर्भर नहीं करती.

संक्षेप में [In essence,], विश्राम [relaxation] कोई ऐसी चीज़ नहीं है जिसके पीछे आप दौड़ते हैं या जिसे आप गढ़ते हैं.

_ यह वह है जो तब बचता है जब आप जीवन को जैसा है वैसा ही समझते हैं, स्वीकार करते हैं और उस पर भरोसा करते हैं.

– Sachin

कभी – कभी मैं सोचता हूं ये ज़िंदगी है क्या ?

_ मैं अपने आसपास नज़रें दौड़ाता हूं इस रहस्य को समझने के लिए तो देखता हूं दुनियां बहुत तेज गति से भाग रही है.

_ हाड़ – मांस से बना इंसान संस्कारो, जिम्मेदारियों, आडंबरों, अवधारणाओं और आवश्यकताओं से घिरा दौड़ा जा रहा है.

_ एक रेस सी लगी है लोगों में, सब एक- दुसरे से आगे निकल जाना चाहते हैं.

_ सबका दम फूल रहा है, पसीने से लथपथ हैं, लक्ष्य का पता नहीं पर दौड़ अनवरत जारी है.

_ पता नहीं दुनियां क्या पाना चाहती है, शायद धन, मान, प्रतिष्ठा, प्रसिद्धि, पावर……

_ मैं ख़ुद को टटोलता हूं तो पाता हूं मुझे इस दौड़ से कोई वास्ता ही नहीं… पर क्यूं ?

_ क्यूंकि मैं यहाँ सुकून से बैठ इस दौर को देख मुस्कुरा रहा हूँ.

_ मुझे नहीं जाना कहीं, मुझे कुछ नहीं चाहिए बस किसी दिन आकर कह देना- अरे पागल, अब तक यहीं बैठे हो.. चल चलते हैं…!!

– Anand Sharma

Kalash

मनुष्य एक रहस्य है ; _ इसे सुलझाने की जरूरत है, और यदि आप अपना पूरा जीवन इसे सुलझाने में बिताते हैं, तो यह मत कहो कि आपने समय बर्बाद किया है.

_ मैं उस रहस्य का अध्ययन कर रहा हूं _ क्योंकि मैं एक इंसान बनना चाहता हूं.

सबको लगता है लोग आपको समझे, लेकिन कोई ख़ुद दूसरे को समझने की कोशिश नहीं करता,

_ ज्ञान भरी बातें सब कर लेंगे, लेकिन कोई ये नहीं जानने का प्रयास करेगा कि मेरी मनः स्थिति क्या है और क्यों है ?

_ सबको अपने हिस्से की परेशानी हमेशा ज़्यादा लगती है, इसलिए सबसे बढ़िया है किसी को कुछ मत बोलो…!!

मुझे हमेशा ख़ुशी होती है _जब मैं उन लोगों को अपनी इच्छानुसार जीवन जीने के लिए ईमानदारी से प्रयास करते हुए देखता हूँ.

_ जब मैं देखता हूं कि वे दुनिया को दोष नहीं दे रहे हैं और चुपचाप पूरे दिल से खुद को बदलने की कोशिश कर रहे हैं.!!

“अब मैं किसी के खेल का मोहरा नहीं, मैं अपनी चेतना का प्रहरी हूँ —

_ “मैं मोहरा नहीं हूँ” — ये मुझे याद रहता है कि मेरे भीतर एक चेतन निर्णय लेने वाला अस्तित्व है, जिसे कोई नियंत्रित नहीं कर सकता.!!

मजे से जिओ तो भी लोगों को मिर्ची लग जाती है- क्या करूँ ?

_ मैंने देखा है..- >

_ जब कोई अपने ढंग से, सुकून से जीने लगता है, तो कुछ लोगों को वह चुभने लगता है.

_ शायद इसलिए नहीं कि मैंने कुछ गलत किया,

_ बल्कि इसलिए कि मैंने वह कर दिखाया..

_ जो वे खुद करना चाहते थे, पर कर नहीं पाए.

_ अब समझ आया है.. “दूसरों की मिर्ची मेरी ज़िम्मेदारी नहीं”

_ मेरा काम है.. अपना जीवन ईमानदारी से जीना,

_ और उनका काम है.. अपने भीतर उठी बेचैनी को संभालना.

_ मैं मज़े से जीऊंगा, क्योंकि यही मुझे सुकून देता है और यही मेरी सच्ची आज़ादी है.!!

**”मैं कम देखने वाला नहीं.. – चुनकर देखने वाला बन गया हूँ.”

Non-bardashtable (नॉनबर्दाश्तएबल)[असहनीय]

_ अब मैं सब कुछ सहने की आदत से बाहर आ चुका हूँ.

_ झूठ, दिखावा, शोर, और भीड़ की सोच.. मेरे लिए अब नॉनबर्दाश्तएबल [Non-bardashtable] है.

_ ये घमंड नहीं, अपनी सीमाओं की पहचान है.

_ जो मन की शांति छीन ले,

_ वो चाहे कितना ही “सामान्य” क्यों न माना जाए..- मेरे लिए अब स्वीकार्य नहीं,

_ मेरे लिए अब नॉनबर्दाश्तएबल [Non-bardashtable] है.!!

मैं उस दौर को अभी भी देख सकता हूं, याद है मुझे वो सारी बातें जो लोगों ने सिखाई थी..

_ पर उस दौर की उम्र बहोत छोटी रही, मानो एक पल में पूरा दौर गुजर गया..

_ अब उन बातों को याद करने की वजह ही नहीं दिखती मुझे,

– अब सिर्फ एक बात याद है.. जैसी दुनिया वैसा मैं.!

जब जीने के दिन थे, तब हमें जीना नहीं आया..

_ अब मरने के दिन हैं तो हम मरना नहीं चाह रहे.

_ आख़िर इतने उल्टे-पुल्टे क्यों है हम ? हम यानी कि “मैं”

“वो जीवन जो जिया नहीं. वक़्त बीतने के साथ हर पल रेत सा फिसलता जाता है.”

“कुछ लोगों को झेलने के लिए मेरे दिमाग को अपनी सीमा से बाहर तक खिंचना पड़ जाता है.”
मैं देखता हूं कि कुछ लोग दूसरों की तुलना में (अच्छे या बुरे) कहीं बेहतर विकल्प चुनते हैं.

_ क्या यह हम हैं ? कुछ ऐसा जिसके साथ हम पैदा हुए हैं ? क्या यह हमारी बुद्धिमत्ता, हमारे सामान्य ज्ञान की मात्रा, हमारी परवरिश से जुड़ा है ?

_ क्योंकि बुरे विकल्पों के बहुत विनाशकारी, जीवन भर परिणाम हो सकते हैं.

_ मेरा मानना ​​है कि यह कुछ ऐसा है _जिसकी हमारे पालन-पोषण में कमी थी और यह इतना अच्छा नहीं है कि किसी से कहा जाए कि अच्छे विकल्प चुनें ; उन्हें हमारे अनुरूप बनाया जाना चाहिए.

_ हमारे देखभाल करने वालों को यह नहीं मानना ​​चाहिए कि हम जानते हैं !

_हमें सही विकल्पों के लिए निर्देशित होना चाहिए !!

मैं उन लोगों के लिए चिंतित हूं जो यह जानते हुए भी कि गलत लोगों के साथ रहना उनके लिए अच्छा नहीं है, फिर भी उनके साथ रहते हैं ;

_मुझे चिंता है कि वे प्यार के नाम पर सब कुछ बलिदान कर देते हैं जबकि दूसरे को यह भी नहीं पता कि वे किस प्यार में हैं.

_मुझे नहीं लगता कि यह दोनों तरफ से प्यार है ; यह सिर्फ आपकी तरफ से है.

_और जब मैं देखता हूं कि लोग इसके बारे में शिकायत कर रहे हैं लेकिन खुद को उनसे दूर रखने के लिए कुछ नहीं कर रहे हैं,

_तो कहीं न कहीं, वे भी असहाय महसूस करते हैं, जैसे कि यह अब उनके नियंत्रण में नहीं है _ क्योंकि उन्होंने इसे बहुत पहले किसी अन्य व्यक्ति को दे दिया था.

और अब, यह उनकी पसंद है कि वे कैसे और कब बात करना चाहते हैं.

_ वे बात करने के लिए न्यूनतम समय निर्धारित करते हैं, और फिर भी आप उन्हें छोड़ नहीं सकते ? क्यों ?

_मैं जानना चाहता हूं कि आपका आत्मसम्मान आपके लिए सब कुछ क्यों नहीं है. आपको क्यों लगता है कि उन्हें एक और मौका देना एक अच्छा विचार है ?

_ मैं उन लोगों के लिए चिंतित हूं _जिन्हें अब अपनी परवाह नहीं है, _ क्योंकि उन्होंने प्यार को खुद से बड़ा बना लिया है ; _ लेकिन क्या यह वास्तव में प्यार है –

– जब आप एक ऐसे व्यक्ति के लिए सब कुछ करते हैं _ जो यह भी नहीं जानता कि आपके अंदर क्या चल रहा है ?

_ मैं उन लोगों के लिए चिंतित हूं _जो सिर्फ इसलिए आगे नहीं बढ़ सकते _क्योंकि उन्होंने पहले कभी ऐसा कुछ महसूस नहीं किया है _ और डरते हैं कि उनका आराम क्षेत्र खत्म हो जाएगा.

_ मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि यह आप ही थे _जिन्होंने उन्हें अपने जीवन में लाकर अपने लिए जगह बनाई थी, उन्होंने नहीं..

_मैं उन लोगों के लिए चिंतित हूं _जो अभी भी नहीं समझते हैं, भले ही उनके सभी दोस्त उन्हें अपने जहरीले रिश्ते को छोड़ने के लिए कहें.

मैंने खुद को जलाकर उस अंधेरे को खत्म कर दिया है जिसने मुझे डराने की कोशिश की थी.

_ हर कोई अपने जीने से अलग जीवन बनाने के लिए दौड़ रहा है ;

_ रब द्वारा दी गई जिंदगी को कोई नहीं जीना चाहता, न मैं और न आप..

_ ऐसा लगता है जैसे हम कभी पूरा महसूस नहीं करते.

पर मैं सोच रहा हूँ कि मैं अब अपना जीवन पूरा महसूस करूँ ; यह ठीक रहेगा _ अगर मैं एक सुबह उठूं और ऐसा जीवन पाकर खुद को धन्य महसूस करूं.

एक ऐसा जीवन जो बोझ से मुक्त हो _ क्योंकि मैंने अपने लिए कुछ भी नहीं बनाया है ; और अगर कोई बोझ भी हो तो मैं उससे निराश नहीं होऊंगा.

इसमें कोई शर्म की बात नहीं है अगर मैं अपना ख्याल रखूँ ; मैं अपनी सुबह में अराजकता पैदा नहीं करना चाहता. _ मैं इसे सूक्ष्म, शांत, सभी चिंताओं से दूर चाहता हूं.

यह ऐसा है जैसे मैं जीवन को वैसे ही स्वीकार कर रहा हूं जैसे वह है ; _ मैं इसे बदलना चाहता हूं, लेकिन अपना दिमाग खोने की कीमत पर नहीं..

_ मैं नहीं चाहता कि मैं कोई ऐसा व्यक्ति बनूं जो जीवन के बारे में शिकायत करता है लेकिन उसे जीता भी है..!!

_ क्योंकि जब जीवन की बात आती है तो हमारे पास पर्याप्त विकल्प नहीं होते हैं ; _ हमें जो कुछ भी दिया है उसे जीना है, कभी बदलाव के साथ तो कभी बिना बदलाव के..

इसलिए मैं बदलाव के साथ जीवन चाहता हूं, लेकिन तब नहीं जब मैं इसमें मुस्कुरा नहीं रहा हूं..

मैं अपने लिए एक अलग जीवन बनाना चाहता हूं, लेकिन खुद को खोने की कीमत पर नहीं.!!

मैं हर दिन को महसूस करना चाहता हूँ, मैं हर दिन को अपना दोस्त बनाना चाहता हूं.!!

मैं चीजों को अलग तरह से चाहता हूं, लेकिन मेरी सुबह और रातें जितनी खूबसूरत हैं ;

_ मैं एक अलग जीवन बनाने के लिए दौड़ना नहीं चाहता;

_ मैं इसमें चलना चाहता हूं और अपने जीवन को बदलने की प्रक्रिया का आनंद लेना चाहता हूं ;

_ क्योंकि मुझे उम्मीद है कि एक दिन जब यह सब नहीं होगा, तब भी मेरे पास जीने के लिए कुछ खूबसूरत यादें होंगी..

_ मैंने खुद को जलाकर उस अंधेरे को खत्म कर दिया है जिसने मुझे डराने की कोशिश की थी.

आख़िरकार, मैं जो चुनता हूँ.. वही मायने रखता है.

_ मैं अपने फ़ैसलों के साथ जीता हूँ, चाहे वो बुरे हों या अच्छे, लेकिन वो काफ़ी संतुष्ट महसूस कराते हैं.

_ मैं उन लोगों का शुक्रिया अदा करता हूँ.. जो मेरे नहीं हो सके, जो बीच राह में ही चले गए.. मैं उनके बिना इतना मज़बूत नहीं हो पाता..

_ उनकी अनुपस्थिति ने मुझे एहसास दिलाया कि किसी के बिना जीना मुमकिन है,

_ अब मैं सबसे दूर हो चुका हूँ..

_ मेरे लिए यही अच्छा है कि मैं हर जगह से पूरी तरह गायब हो जाऊँ, और एक पूरी तरह से अनजान ज़िंदगी जिऊँ.

_ अब मैं किसी को कुछ भी नहीं समझाऊँगा..

_ क्योंकि पहली बात तो यह कि उन्हें स्पष्टीकरण की ज़रा भी परवाह नहीं है,

_ और दूसरी बात, आप चाहे जितना भी समझाएँ, चाहे कितनी भी ऊर्जा लगाएँ, वह कभी भी पर्याप्त नहीं होगी..

_ तो फिर अपना समय बर्बाद क्यों करें.

_ कभी-कभी चीज़ें मेरे काबू से बाहर हो जाती हैं और मैं किसी को समझा नहीं पाता कि मेरे मन में क्या चल रहा है..

_ क्योंकि इसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है और कागज़ पर लिखना और भी मुश्किल..

_ ऐसा लगता है जैसे मेरा दुख सिर्फ़ मेरा है और मुझे ही इससे निपटना है.!!

किसी चीज़ से बाहर निकलना ऐसा लगता है.. जैसे आपने फिर से जन्म लिया हो, ताज़ा, बिना किसी यादों के..

_ आप अटके हुए महसूस नहीं करते, और आपका दम नहीं घुटता..

_ बिना किसी से उलझे, एकदम आज़ाद एहसास..

_ आप खुद से और अपनी ज़िंदगी से फिर से प्यार करने लगते हैं..

_ आप पीछे मुड़कर नहीं देखते..

_ आप किसी से कोई उम्मीद करना छोड़ देते हैं..

_ आप सबके लिए ऐसे उपलब्ध रहना बंद कर देते हैं.. जैसे उनका कोई खास महत्व ही न हो.

_ आप कॉल और मैसेज का इंतज़ार नहीं करते.

_ आपको स्क्रॉल करने की भी ज़रूरत महसूस नहीं होती.

_ आप अपने अतीत की सच्चाई से दूर, कहीं और एक नया व्यक्तित्व गढ़ते हैं.

_ आप अतीत और भविष्य के बीच का अंतर समझते हैं और यह भी कि अतीत अतीत क्यों है.

_ आप खुद पर काम करते हैं, अपनी गलतियों को सुधारते हैं, लेकिन इस बार किसी और के लिए नहीं.

_ आप खुद से माफ़ी मांगते हैं और अपना आत्म-सम्मान और आत्मविश्वास वापस पाते हैं.

_ आप आईने में देखना शुरू करते हैं, अपने पसंदीदा काम करने लगते हैं..

_ आप खुद में पूर्ण होने के एहसास से खिलखिला उठते हैं.!!

_ आप दिल खोलकर हँसते हैं, जैसे बरसों से नहीं हँसे थे.

_ आप अपने चेहरे पर चमक, उस लालिमा को वापस आते हुए महसूस करते हैं मानो वह आपकी ही हो.

_ घर से बाहर निकलना वाकई एक नई, एक नई शुरुआत, आपकी आत्मा के एक नए जन्म जैसा लगता है, और आप ज़्यादा विनम्र, ज़्यादा खुश और ज़्यादा स्वतंत्र हो जाते हैं.

_ अगर आप आगे बढ़ने के दौर से गुज़र रहे हैं – तो आपके नए अध्याय के लिए शुभकामनाएँ; यह एक सुखद दौर होने वाला है.!!

सबसे पहला काम या बदलाव जो मैंने किया वो है अखबार, ख़बरों, न्यूज़ चैनल से दूरी बनाना,

_ मतलब नाम मात्र के लिए भी ख़बरों में दिलचस्पी ख़त्म कर दी है मैंने..

_ और आजतक ज्यादातर खबरों से दूर हूँ.

_ अब किसी को लग सकता है देश, दुनिया मे क्या हो रहा इतना तो जानना चाहिए.. …हां उतनी खबर मिल ही जाती है ..बाकि सबसे बड़ा कारण यह था कि..

_ मैं कुछ कुछ ह्रदय विदारक ख़बरों से उबर ही नहीं पाता हूँ लम्बे समय तक.

_ चैनल की डिबेट्स चिल्लम-चिल्ली की वजह से वैसे ही मेरी नज़रों से उतर गईं थीं.

_ इतनी अजीब ख़बरें पढ़ सुनकर दिल की धड़कने हमेशा से ही बढ़ती रही है मेरी.

_ और मैं नहीं चाहता कि अपनी बेचैनियां और बढ़ाऊँ.

_ ऐसी खबरों की अपडेट से बचने के लिए ..अब कई कई दिनों तक सोशल मीडिया से भी दूरी बना लेता हूँ.

“आदमी जरूर हूं पर अब और सहने की सामर्थ्य नहीं है..

_ भीगी आँखों से सब सहते-सहते अब गला भर्रा जाता है..”

– दिमाग में कचरा भूसा आखिर क्यों भरें..

_ दुनिया भर का जब कचरा भूसा भरा जाता है, तो उसको निकालने के लिए ज्यादा मेहनत ऊर्जा लगता है, इसलिए जीवन का एक ही सूत्र अपना लिया है..

_ भाड़ में जाएं दुनिया, अपने मानसिक शांति की वाट नहीं लगानी है, वो भी दूसरों की वजह से..

_ अपने मानसिक शांति की ऐसी की तैसी करने से बचिए, एक ही जीवन है, सुकून शांति को अपनाएं..!!

जो व्यक्ति सिद्धांतों [principles] पर जीता है, वो सबको खुश नहीं कर सकता.

_ कुछ लोग उससे असहज होते हैं, क्योंकि उसे झुकाया या बदला नहीं जा सकता.

_ वो अपने मूल्यों [values] पर अडिग रहता है, चाहे अकेला ही क्यों न रह जाए.!!

कभी-कभी, किसी व्यक्ति की योग्यता और उपलब्धियों को हम तभी सही मायने में समझ पाते हैं.. जब वे हमें छोड़कर चले जाते हैं.

_ उनके चले जाने पर हमें एहसास होता है कि जिसे हम साधारण समझते थे, वही किसी दौर की सबसे बड़ी ज़रूरत था.!

“बिछड़ने वाले कब मिले हैं और मिले भी तो उस शिद्दत से कहाँ मिल पाए हैं.”

जो लोग मुझे सबसे ज़्यादा जानते हैं, वही अक्सर सबसे कम महत्व देते हैं.

_ क्योंकि उनके लिए मैं कोई नया व्यक्ति नहीं..

_ मैं वही हूँ जिसका अतीत, गलतियाँ और कमज़ोरियाँ उन्हें याद हैं.

_ मेरी हर उपलब्धि उन्हें ‘सामान्य’ लगती है, क्योंकि वे मुझे बहुत पास से देखते आए हैं.

_ कुछ लोग सराहते नहीं.. क्योंकि उन्हें डर होता है – कि कहीं मेरी चमक उनकी पहचान को धुंधला न कर दे.

_ कुछ चुप रहते हैं.. क्योंकि तारीफ़ करने में भी उन्हें जोखिम दिखता है.

_ कुछ के भीतर अनकही प्रतिस्पर्धा छिपी रहती है.

_ और यही वजह है कि सच्चा सम्मान अक्सर दूर वालों से मिलता है – वे पूर्वाग्रहों से मुक्त होते हैं, मुझे मेरे शब्दों, मेरे काम और मेरे सच से पहचानते हैं.

– एक दिन वही लोग कहेंगे, ‘हम तो उसे तब से जानते हैं, जब उसने शुरुआत की थी..’

_ और मैं बस मुस्कुरा दूँगा – क्योंकि तब तक मेरी दुनिया बदल चुकी होगी.!!

“स्वयं को साबित करना छोड़ दो”

_ बस वही रास्ता चुनो जो भीतर शांति जगाए.

_ जीवन की ज़िम्मेदारी आपके ही हाथ में है—इसे प्रेम, करुणा और सुंदर व्यवहार से हल्का बनाओ.

_ दूसरों का रवैया आप तय नहीं कर सकते, पर अपना स्वभाव आपकी ही मुट्ठी में है.

_ जब आप अपने लिए जीना और खुद को प्रसन्न रखना सीख लेते हो, तब दुख की पकड़ अपने आप ढीली पड़ जाती है.!!

सुविचार 4537

जब हम स्वीकार करना और प्रेम करना सीख लेते हैं,

तब हमारे जीवन का हर पहलू फलने- फूलने लगता है.

सुविचार 4536

जिस दिन आपने अपनी सोच बड़ी कर दी,

उस दिन बड़े बड़े लोगों के दिमाग में आप आना शुरू हो जायेंगे.

Collection of Thought 1067

“It’s easy to make a buck. It’s a lot tougher to make a difference.”

पैसा कमाना आसान है, _ फर्क करना बहुत मुश्किल है.

मस्त विचार – “हीरा और पत्थर”- 4411

“हीरा और पत्थर”

_ एक हीरा था दिल से चमकता, पर जीवन उसने पत्थर सा जिया.
_ ना कभी रोशन हुआ, ना कभी टूट के बिखरा, बस चुप-चाप हर दर्द को पिया.
_ चमकने का जुनून था उसमें, पर लोगों की नज़र में पत्थर ही रहा.
_ खामोशी में जीती उसकी कहानी, हर पल एक अनकही दुआ सा बहा.
_ वक़्त के चाकू ने काटा उसे, पर उसने कभी ना दिखाया गिला.
_ एक हीरा, जो दुनिया को पत्थर दिखा – पर अंदर से रोशनी का सिला.!!
_ पत्थर दिल बनना मज़बूरी है मेरी, अगर मैं टूट गया तो कोई समेट नहीं पायेगा.!!!

सुविचार 4535

किताबें तो युहीं बदनाम है, वक़्त और लोग ही बहोत कुछ सिखाते हैं ज़िंदगी में ..!

Quotes by एंथनी हॉपकिंस Anthony Hopkins

“उन लोगों को छोड़ दो जो तुम्हें प्यार करने के लिए तैयार नहीं हैं” और इसके पीछे कारण ये है:

_ उन्हें छोड़ना जो तुम्हें प्यार करने के लिए तैयार नहीं हैं — शायद यह सबसे कठिन, और सबसे ज़रूरी काम होगा जो तुम कभी करोगे.

_ उन लोगों के साथ कठिन बातचीत करना बंद करो जो बदलना नहीं चाहते.

_ उन लोगों के लिए बार-बार हाज़िर होना बंद करो जिन्हें तुम्हारी मौजूदगी में कोई दिलचस्पी नहीं.

_ खुद को थकाना बंद करो उन लोगों से प्यार पाने के लिए, जो उसे देने में ही सक्षम नहीं हैं.

_ जब तुम उठने का फ़ैसला करते हो — खुशी, मकसद और जुनून से भरी ज़िंदगी जीने का — तो हर कोई तुम्हारे साथ नहीं उठेगा.

_ यह तुम्हारी गलती नहीं है, और इसका मतलब ये बिल्कुल नहीं कि तुम्हें खुद को छोटा करना होगा ताकि वे सहज महसूस कर सकें.

_ अगर कोई तुम्हें नज़रअंदाज़ करता है, अपमान करता है, या भूल जाता है — तो उन्हें अपना समय और ऊर्जा देना बंद करो.

_ तुम सबके लिए नहीं हो और सब तुम्हारे लिए नहीं हैं.

_ यही असली जुड़ाव को इतना दुर्लभ और कीमती बनाता है.

_ जितना ज़्यादा तुम उस इंसान से प्यार पाने के लिए लड़ते हो जो तुम्हें प्यार नहीं कर सकता, उतना ही तुम उन लोगों से वक्त छीन रहे हो — जो कर सकते हैं, जो करेंगे.

_ कुछ लोग तुम्हें सिर्फ एक तकिया बनाना चाहते हैं, एक बैकअप विकल्प, या एक भावनात्मक मरम्मत करने वाला.

_ जितना ज़्यादा तुम खुद को उस भूमिका में फिट करने की कोशिश करते हो, उतना ही तुम उन रिश्तों और उस समुदाय से दूर होते हो जो सच में तुम्हारे लिए बना है.

_ अगर तुम कॉल करना बंद कर दो — शायद कोई वापस कॉल नहीं करेगा.

_ अगर तुम कोशिश करना बंद कर दो — शायद रिश्ता अपने आप फीका पड़ जाएगा.

_ अगर तुम मैसेज भेजना बंद कर दो — शायद फ़ोन खामोश ही रहेगा.

_ यह अस्वीकृति नहीं है — यह स्पष्टता है.

_ इसका मतलब है कि वह जुड़ाव केवल इसलिए ज़िंदा था क्योंकि तुम उसे ज़िंदा रखे हुए थे, अकेले.

_ यह प्यार नहीं है — यह केवल एक आदत है और तुम इससे बेहतर के हकदार हो.

_ तुम्हारा समय और ऊर्जा सबसे कीमती चीजें हैं जो तुम्हारे पास हैं, उन्हें बुद्धिमानी से लगाओ.

_ तुम उन्हें जहाँ रखते हो, वही तुम्हारी पूरी ज़िंदगी की दिशा तय करेगा.

_ और जब तुम सच में यह समझ लेते हो — तब तुम्हें यह भी समझ में आने लगता है कि कुछ लोगों या जगहों के आस-पास क्यों तुम्हें घबराहट, थकावट या अदृश्यता महसूस होती है.

_ क्योंकि वे तुम्हारे भीतर की पवित्रता को खींच रहे हैं, तो अपनी ऊर्जा की रक्षा करो.. पूरी ताकत से,

_ अपनी ज़िंदगी को एक पवित्र जगह बना दो.

_ सिर्फ उन्हें अंदर आने दो जो तुम्हारी आत्मा से मेल खाते हैं.

_ तुम यहाँ किसी को ठीक करने, बचाने या खुद को साबित करने नहीं आए हो.

_ तुम यहाँ हो — पूरी तरह जीने के लिए.

_ प्यार देने और पाने के लिए, पूरी तरह.

_ तुम सच्ची दोस्ती के हकदार हो, असली जुड़ाव के, अडिग प्रेम के.

_ और जब तुम उसे चुनते हो — दुनिया बदल जाती है.

_ क्योंकि जो तुम चुनते हो — वही तुम बन जाते हो.

— एंथनी हॉपकिंस

My philosophy is: It’s none of my business what people say of me and think of me. I am what I am, and I do what I do. I expect nothing and accept everything. And it makes life so much easier.

मेरा दर्शन है: लोग मेरे बारे में क्या कहते हैं और क्या सोचते हैं, इससे मेरा कोई लेना-देना नहीं है. मैं वही हूँ जो मैं हूँ, और मैं वही करता हूँ जो मैं करता हूँ. मैं किसी से कुछ भी अपेक्षा नहीं करता और सब कुछ स्वीकार करता हूँ और इससे जीवन बहुत आसान हो जाता है.

I don’t want to be anything else other than what I am. I can say that with passion. No regrets.

मैं जो हूँ उसके अलावा कुछ और नहीं बनना चाहता. मैं यह बात पूरे जोश के साथ कह सकता हूँ. कोई पछतावा नहीं.

Living with reality is a very good trick, it gives you tremendous freedom and it changes the structure of the molecules of your soul by living with reality because you don’t expect anything anymore. Which is a weird paradox.

वास्तविकता के साथ जीना एक बहुत अच्छी तरकीब है, यह आपको जबरदस्त आज़ादी देता है और वास्तविकता के साथ जीने से आपकी आत्मा के अणुओं की संरचना बदल जाती है क्योंकि आप अब किसी चीज़ की उम्मीद नहीं करते. जो एक अजीब विरोधाभास है.

Multiply it by infinity and take it to the depths of forever, and you will still have barely a glimpse of what I’m talking about.

इसे अनंत से गुणा करें और अनंत की गहराई तक ले जाएं, और फिर भी आपको मुश्किल से ही उसकी एक झलक मिलेगी जिसके बारे में मैं बात कर रहा हूं.

Try not to be concerned with it. It’s a spiritual thing. Don’t look for the results, don’t live in the payoff. Live in the moment which is a spiritual principle. Live in the moment and let the results take care of themselves. It’s in the hands of God. The rest is all ego. And I have learned, over the years, it’s got nothing to do with me. As my life is none of my business.

इससे चिंतित न होने का प्रयास करें. यह एक आध्यात्मिक बात है. परिणाम की तलाश न करें, लाभ में न जियें. वर्तमान में जियें जो एक आध्यात्मिक सिद्धांत है. वर्तमान में जियें और परिणामों को स्वयं ही ठीक होने दें. यह ईश्वर के हाथ में है. बाकी सब अहंकार है. और मैंने वर्षों से सीखा है कि इसका मुझसे कोई लेना-देना नहीं है. क्योंकि मेरा जीवन मेरा कोई काम नहीं है.

Once you accept the fact that there’s nothing to fear, you drill into the primal oil well. I believe when we do things without fear, we can do anything. As long as you don’t worry about the consequences.

एक बार जब आप इस तथ्य को स्वीकार कर लेते हैं कि डरने की कोई बात नहीं है, तो आप मूल तेल के कुएं में खुदाई कर लेते हैं. मेरा मानना ​​है कि जब हम बिना किसी डर के काम करते हैं, तो हम कुछ भी कर सकते हैं. जब तक आप परिणामों के बारे में चिंता नहीं करते.

I learn poetry, learn text, and that really keeps you alive.

मैं कविता सीखता हूं, पाठ सीखता हूं और यह वास्तव में आपको जीवित रखता है.

I am a bit of a solitude person – a solitary personality. I like being on my own. I don’t have any major friendships or relationships with people.

मैं एकांतप्रिय व्यक्ति हूँ – एकांतप्रिय व्यक्तित्व. मुझे अकेले रहना पसंद है. मेरी लोगों के साथ कोई बड़ी दोस्ती या रिश्ता नहीं है.

I’m very much a loner. I don’t like long relationships with people and I always keep people at a distance.

मैं बहुत अकेला रहता हूँ. मुझे लोगों के साथ लंबे समय तक संबंध रखना पसंद नहीं है और मैं हमेशा लोगों से दूरी बनाए रखता हूँ.

I love life because what more is there?

मैं जीवन से प्रेम करता हूं, क्योंकि इससे अधिक और क्या चाहिए ?

My life turned out to be beyond my greatest dreams.

मेरा जीवन मेरे महानतम सपनों से भी परे निकला.

I never cling on to hope or certainty. They’re the enemies of peace.

मैं कभी भी आशा या निश्चितता से नहीं चिपकता. वे शांति के दुश्मन हैं.

I’m more and more convinced that life is a dream. What has happened to me is surely a dream.

मैं धीरे-धीरे इस बात पर यकीन करने लगा हूँ कि जीवन एक सपना है. मेरे साथ जो हुआ है, वह निश्चित रूप से एक सपना है.

By giving up ‘the need’ and ‘the want’, things begin to happen for you.

‘आवश्यकता’ और ‘इच्छा’ को त्यागने से, चीजें आपके लिए घटित होने लगती हैं.

Relish everything that’s inside of you, the imperfections, the darkness, the richness and light and everything. And that makes for a full life.

अपने अंदर की हर चीज़ का आनंद लें, खामियाँ, अंधकार, समृद्धि और प्रकाश और सब कुछ. और इससे एक पूर्ण जीवन बनता है.

We are dying from overthinking. We are slowly killing ourselves by thinking about everything. Think. Think. Think. You can never trust the human mind anyway. It’s a death trap.

हम बहुत ज़्यादा सोचने से मर रहे हैं. हम हर चीज़ के बारे में सोचकर धीरे-धीरे खुद को मार रहे हैं. सोचो। सोचो। सोचो। वैसे भी आप इंसानी दिमाग पर कभी भरोसा नहीं कर सकते. यह मौत का जाल है.

Non-expectation and acceptance. Because expectation leads to resentment and depression, so I have no expectations.

अपेक्षा न रखना और स्वीकार करना. क्योंकि अपेक्षा करने से नाराजगी और अवसाद पैदा होता है, इसलिए मेरी कोई अपेक्षा नहीं है.

No expectations. Ask nothing, expect nothing and accept everything, and life is very well.

कोई अपेक्षा न रखें. कुछ न मांगें, कुछ न अपेक्षा करें और सब कुछ स्वीकार करें, और जीवन बहुत अच्छा रहेगा.

Keep low expectations and life gets pretty good.

उम्मीदें कम रखें और जीवन बहुत अच्छा हो जाएगा.

If you have high expectations you’re going to get resentments and all kinds of tension.

यदि आपकी अपेक्षाएं बहुत अधिक हैं तो आपको असंतोष और सभी प्रकार का तनाव मिलेगा.

Beware the tyranny of the weak. They just suck you dry.

कमज़ोरों के अत्याचार से सावधान रहें. वे आपको पूरी तरह से चूस लेंगे.

Life’s too short to deal with other people’s insecurities.

दूसरों की असुरक्षाओं से निपटने के लिए जीवन बहुत छोटा है.

When you’re younger you have so many ideas about yourself; everything is important. It’s not when you look back, nothing is that important. It’s only life.

जब आप युवा होते हैं तो आपके पास अपने बारे में बहुत सारे विचार होते हैं; सब कुछ महत्वपूर्ण होता है. जब आप पीछे मुड़कर देखते हैं तो आपको कुछ भी महत्वपूर्ण नहीं लगता. यह केवल जीवन है.

When you’re young, you’re very insecure. And if I could learn, if I could revisit my own past I could say to myself, don’t think too much, just get on and do it.

जब आप युवा होते हैं, तो आप बहुत असुरक्षित होते हैं. और अगर मैं सीख सकता, अगर मैं अपने अतीत को फिर से देख सकता तो मैं खुद से कह सकता, ज़्यादा मत सोचो, बस आगे बढ़ो और काम करो.

When I was a young guy, I knew everything. Now I know very little. I know less and less as the time goes on.

जब मैं जवान था, तो मुझे सब कुछ पता था. अब मुझे बहुत कम पता है. समय बीतने के साथ-साथ मुझे कम जानकारी होती जा रही है.

You look closely enough, you’ll find that everything has a weak spot where it can break, sooner or later.

यदि आप ध्यान से देखें तो पाएंगे कि हर चीज में एक कमजोर जगह होती है, जहां वह देर-सवेर टूट सकती है.

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