मस्त विचार 2363
ज़िन्दगी से बस इतना सीखा….
कि जल जाओ कड़ी धुप में मगर,
अपनों से कभी साया- ए- दीवार न मांगों…
कि जल जाओ कड़ी धुप में मगर,
अपनों से कभी साया- ए- दीवार न मांगों…
अब तो लोग अपने धब्बों पे गरूर करने लगे हैं.
आप अपने ज्ञान के अनुसार ही दूसरों को आंक सकते हैं..!!
लेकिन, फिर भी उनसे अपनों वाली खुशबू आती है.
अपनी असफलता की वज़ह से हूँ.
वो क्या चाहता है उसे करो.
वो ऐसा वार करते हैं कि पैरों तले जमीन खिसक जाती है.
क्या आपको खुद की नज़र से उठाना है ??
बस इसी उधेड़- बुन में दिन, महीने, साल गुजरते जा रहे हैं.