मस्त विचार 2340
मेरे होठों को इजाजत नहीं..तेरे खिलाफ बोलने की.
मेरे होठों को इजाजत नहीं..तेरे खिलाफ बोलने की.
तब उसके चाल चलन और बात करने का तरीका बदल जाता है ..
दिल में जगह बनाने में … ज़िन्दगी गुज़र जाया करती है..!!!
कुछ लोग दिलों में बस जाते हैं,,,लहू की तरह…
मुझे तो बस तू और तेरा साथ चाहिए…..
और नासमझ इंसान की जुबान…
जो लोग ईमानदारी से अपना जीवन जीते है वो खुद्दार ही होते है. लालच और स्वार्थ में आकर अपने आत्मसम्मान का सौदा नहीं करते है. _ परन्तु अब जमाना बदल रहा है लोग पैसे के लिए खुद्दारी और आत्मसम्मान को भी दांव पर लगाने में नहीं हिचकिचाते हैं.
एकमात्र व्यक्ति जिसे आपको बेहतर बनने की कोशिश करनी चाहिए, वही वह व्यक्ति है जो आप कल थे.
सिखाया जो सबक जिन्दगी ने.