मस्त विचार 2510
एक थमती नहीं…..दूसरी आ धमकती है.
एक थमती नहीं…..दूसरी आ धमकती है.
पहली और सबसे अच्छी जीत स्वयं पर विजय प्राप्त करना है.
जीने का मैं इतना ही सामान बचा पाया हूँ.
आपको खुद ही हिम्मत दिखानी होगी और सब कुछ ठीक करना होगा.
पर गम देने वाले भी अजनबी नहीं होते…
स्थिर जल धीरे-धीरे मलीन हो जाता है और पीने योग्य नही रह जाता है.
दान और भोग विहिन धन स्वत: नष्ट हो जाता है.
*उसी प्रकार से निष्क्रियता मस्तिस्क की ताकत सोख लेती है ,मनुष्य धीरे -धीरे अवसाद का शिकार हो जाता है,
इसलिए निरन्तर सक्रिय रहें .*
जीवन है विपरीत आयामों में खुद को ढाल लेना.
_ दूसरों को खुश रखने के लिए जरुरी है कि पहले हम खुद को खुश रखें.
_ रोज कुछ वक्त अपने साथ बिताएं, अपनी जिंदगी की प्राथमिकताएं तय करें.!!
_ तो अभी ढंग से जीवन देखा नहीं हमनें.!!
*वो उन लोगों की भी इज्जत करता है*,
*जिनसे उसे किसी किस्म* *के* *फायदे की उम्मीद* *नही* *होती..