मस्त विचार 2322
कई बार बिना गलती के भी गलती मान लेते हैं हम,
क्योंकि डर लगता है कहीं कोई अपना हमसे रूठ ना जाए.
क्योंकि डर लगता है कहीं कोई अपना हमसे रूठ ना जाए.
ज़रा सी जमीन क्या हिली खुदा याद आ गया !
तो फिर वो किसी से नहीं हारता..
डाकिया ही चल बसा शहर ढूंढ़ते ढूंढ़ते !
इतनी नहीं कि जिंदगी तमाम हो जाये.
ज़मीन वाले आप का कुछ नही बिगाड़ सकते…
कि वह कभी किसी पुरुष को पीड़ित नहीं करता.
_लेकिन सज्जन [gentle] आदमी खोजना मुश्किल है.
और आसान करने के लिए समझना पड़ता है.
सफल होने के लिए हमें जीवन में और अपने विचारों में बहुत से बदलाव लाने होते हैं.