सुविचार 2429
किसी से नाराज़गी इतनी भी गहरी ना करें
कि भविष्य में समझौते कि गुंजाइश ही ना बचे…
कि भविष्य में समझौते कि गुंजाइश ही ना बचे…
जब “चैन” हो.
चौखट को तेरी चुम के, तेरे मुरीद हो चले.
आप बदला ना लो…..माफ़ कर दो
उसे जिसने तुम्हें सबसे ज्यादा तकलीफ दी हो.
जब आप मूर्खों से घिरे हों तो आपको प्रतिभाशाली होने की आवश्यकता नहीं है.
कहीं ये तुम तो नहीं…
शायद यही कारण है कि इसमें इतने कम लोग लगे होते हैं.
तो उसका आपसे बात करने का तरीका भी बदल जाता है.