मस्त विचार 2276
जिस नजाकत से लहरें पैरों को छूती है…
यकीन नहीं होता इन्होनें कभी कश्तियाँ डूबाई होंगी.
यकीन नहीं होता इन्होनें कभी कश्तियाँ डूबाई होंगी.
व्यस्त रहने और आशावाद को जीवन का एक तरीका बनाने से _ आप अपने आप पर विश्वास बहाल कर सकते हैं.
मगर स्वभाव में ग़ुरूर खलता है..
तब उसे कुछ भी खोने का डर नहीं रहता.
अगर राह उनकी पत्थरों से भरी न होती.
मगर भरोसा बार- बार नहीं.
आखिरी वक्त तक कोई भी साथ देने वाला कोई नहीं होता.