सुविचार 2538
किंतु तोता दूसरे की भाषा बोलता है, इसलिए पिंजरे में जीवन भर गुलाम रहता है.
अपनी भाषा, अपने विचार और; अपने आप पर विश्वास करें.
किंतु तोता दूसरे की भाषा बोलता है, इसलिए पिंजरे में जीवन भर गुलाम रहता है.
अपनी भाषा, अपने विचार और; अपने आप पर विश्वास करें.
अभ्यास में कोई महिमा नहीं है, लेकिन अभ्यास के बिना कोई महिमा नहीं है …
इसी का नाम है ज़िन्दगी, चलते रहिये जनाब.
_ सिर्फ मौज़ होती है, -: आजमा कर देख लो :-!!
देर करने वाले, इन्हें हमेशा खो देते हैं.
जितना भी टूटूँ, फिर खुद ही उठ जाता हूँ.
ये कैसा जूनून है मुझमें, गिरकर सँभलने का,
खुद को मात देकर, खुद से ही जीत जाता हूँ.
वो नादान _ ये नहीं समझता _ सजा _ दुनिया नहीं _ समय देता है.
क्योंकि जिस पेड़ पर फल लगते हैं, दुनिया उसे ही पत्थर मारती है.
रोने पे आँसू बहाती है जिन्दगी,
प्यार दो तो सँवर जाती है जिन्दगी,
हाथ बढ़ाओ तो पास आती है जिन्दगी,
जिस नजर से देखो वैसी नजर आती है जिन्दगी,
नजरिया बदलो तो बदल जाती है जिन्दगी.