मस्त विचार 2224
हमारे हौसलों से वो भी घबराती है,
इसलिए मुसीबत अकेले नहीं आती है.
इसलिए मुसीबत अकेले नहीं आती है.
कोई आँखों- आँखों में मुलाकात कर लेता है.
बड़ी मुश्किल होता है जवाब देना
जब कोई खामोश रह कर सवाल कर लेता है.
दुःख को सुख में बदलते रहिए _ धीरे धीरे ही सही ” चलते रहिए “
हम अपनी खुशियां लुटा कर जीते हैं.
सच कह कर किसी को कोई नाराज नहीं करता.
परंतु किसी को भी अपने “घमंड” का “ज्ञान” नहीं हैं.
तुम से मिलने के बाद जाना, मिलते रहे तो ही जिंदा रहेंगे.