मस्त विचार 2373
हम बड़े हुए तो क्या, थोड़ा हमें भी बच्चों सा सुकून दे दे.
हम बड़े हुए तो क्या, थोड़ा हमें भी बच्चों सा सुकून दे दे.
जिन पर चढ़ कर कभी तुम दुनिया देखा करते थे…
जो आप करना चाहते हो, बस वही काफी है.
Live in such a way that you make others think why they are not like you.
That’s the real attitude of living a life.
यह कभी मत सोचो कि तुम दूसरों की तरह क्यों नहीं हो, _ इस तरह जियो कि तुम दूसरों को यह सोचने पर मजबूर कर दो कि वे तुम्हारे जैसे क्यों नहीं हैं_ ” यही जीवन जीने का वास्तविक दृष्टिकोण है “
और अगर 24 घंटे आप कुछ ना कुछ सिख रहे हो,
तो आप Notice करेंगे कि आप धीरे-धीरे अंदर से, Better होते चले जाओगे.
मेरे अपने ही हर दिन मुझको थोड़ा- थोड़ा काटते रहे…
कुछ पराये अपने हुए, कुछ अपनों का रंग बदलता रहा…
एक वो जिनकी उम्र अधिक है,
दूसरे वो जिसने कम उम्र में ही बहुत सी ठोकरें खायी हैं…
बस अंदर से आवाज़ आनी चाहिये.
जो सिख रहा है वो जिंदा है,
जिसने सीखना बंद कर दिया वो जिंदा लाश है.