मस्त विचार 2273
माफ़ तो बार- बार कर सकते हैं,
मगर भरोसा बार- बार नहीं.
मगर भरोसा बार- बार नहीं.
आखिरी वक्त तक कोई भी साथ देने वाला कोई नहीं होता.
ये दुनिया खामखां कहती है की तुम मेरे करीब नहीं………!!!!
पर ठान लें तो एक दिन जरूर मिलती है.
जो मैं नहीं, तो तुम नहीं.
क़द में छोटे हों………… मगर लोग बड़े रहते हैं …..
मैंने फल देख के…….. इन्सानों को पहचाना है…..
जो बहुत मीठे हों ……….अंदर से ……सड़े रहते हैं…
कुछ अच्छा बनाएँ, सामूहिक अपील प्राप्त करते हुए, दूसरों को अच्छा महसूस करने में मदद कर के.
सैलाब उमड़ता है जीत जाने के बाद….