मस्त विचार 2362
साफ़ दामन का दौर तो कब का ख़त्म हुआ साहेब…
अब तो लोग अपने धब्बों पे गरूर करने लगे हैं.
अब तो लोग अपने धब्बों पे गरूर करने लगे हैं.
आप अपने ज्ञान के अनुसार ही दूसरों को आंक सकते हैं..!!
लेकिन, फिर भी उनसे अपनों वाली खुशबू आती है.
अपनी असफलता की वज़ह से हूँ.
वो क्या चाहता है उसे करो.
वो ऐसा वार करते हैं कि पैरों तले जमीन खिसक जाती है.
क्या आपको खुद की नज़र से उठाना है ??
बस इसी उधेड़- बुन में दिन, महीने, साल गुजरते जा रहे हैं.
और अपने सफलताओं / उपलब्धताओं के लिए स्वयं की प्रशंसा करें.