सुविचार 2447
नम्रता सारे सद्गुणों का दृढ़ स्तम्भ है.
ज़रा सी जमीन क्या हिली खुदा याद आ गया !
तो फिर वो किसी से नहीं हारता..
डाकिया ही चल बसा शहर ढूंढ़ते ढूंढ़ते !
इतनी नहीं कि जिंदगी तमाम हो जाये.
ज़मीन वाले आप का कुछ नही बिगाड़ सकते…
कि वह कभी किसी पुरुष को पीड़ित नहीं करता.
_लेकिन सज्जन [gentle] आदमी खोजना मुश्किल है.
और आसान करने के लिए समझना पड़ता है.
सफल होने के लिए हमें जीवन में और अपने विचारों में बहुत से बदलाव लाने होते हैं.
यही सोच इंसान को कुएँ का मेंढक बना देती है.