सुविचार 2260
मन की इच्छाएं श्रेष्ठ कर्मो में, अच्छे कर्मो में अक्सर बाधा खड़ी करती हैं, अतः श्रेष्ठ कर्मो को सर्वोपरि मानने वाले इच्छा से रहित होते हैं, जो योग्य है वही कर्म करते हैं ! इच्छा शेष होना, इच्छा रहित होना जीवन की श्रेष्ठतम उपलब्धि है !!!
मन की इच्छाएं श्रेष्ठ कर्मो में, अच्छे कर्मो में अक्सर बाधा खड़ी करती हैं, अतः श्रेष्ठ कर्मो को सर्वोपरि मानने वाले इच्छा से रहित होते हैं, जो योग्य है वही कर्म करते हैं ! इच्छा शेष होना, इच्छा रहित होना जीवन की श्रेष्ठतम उपलब्धि है !!!
मगर आइनों सी साफ़ जिन्दगी जीता नहीं है कोई.
सिर्फ वही मार्ग सही है … जिस पर तुम चलते रहो …. और कभी रुको न.
दर्द का अहसास तो तब हुआ जब तीरों की कमान अपनों के हाथो में देखी !
कि धूप कितनी भी तेज हो समुन्द्र कभी सुखा नहीं करते !
आपकी मुस्कान की वजह से _ आप जीवन को और खूबसूरत बनाते हैं.
जो हर किसी के बस की बात नहीं.