सुविचार 2228

आपको एक भी आदमी ऐसा नहीं मिलेगा, जिसने बगैर प्रारंभिक संघर्ष के अपनी जीवन यात्रा तय की हो. अतः संघर्ष को अपना साथी बनाइये. क्योंकि पूर्व राष्ट्रपति और महान विचारक डॉ एपीजे अब्दुल कलाम अपने संबोधन के दौरान अक्सर कहा करते थे, यदि आप पहले प्रयास में फेल कर जाते हैं, तो कभी भी हार मत मानिये, क्योंकि फेल का मतलब असफल होना नहीं है, बल्कि इसके अंग्रेजी चार शब्द “एफएआइएल” का अर्थ है “फर्स्ट अटेंप इन लर्निंग”.

सुविचार 2227

।। तेरे मेरे बोल ।।

इसकी बक उसके पास,

उसकी बक इसके पास,

उलझे कान, बिगडे बोल,

बोल तो संभल कर बोल,

बोल पे ही रिश्ते टिके हैं,

बोल से ही हंसती है दोस्ती,

बोल बोल को टटोल ले,

फिर चाहे जो है मन में,

सब खुल के बोल,

बोलने की भाषा, तुझे मिली है,

बोल बोल गीत बन जाये,

बस तू ऐसी भाषा बोल,

बोलने के दिन हैं दो चार,

छोड़ दे ये रस्साकस्सी,

न हो अपनों से अपनों की दूरी,

सबको अपना मान ले,

रिश्तो में फिर जीवन डा ल दे,

बोल में मिश्री घोल ले,

कल तू चला जाएगा,बस,

रह जायेंगे जग में तेरे बोल,

मांना कोई तुझसे रूठा है,

तू भी किसी से हठ कर बैठा है,

रूठे को मना ले, हठ छोड़

सबको गले लगा ले,

बस यही है जीवन का मोल

तेरे मेरे सबके बोल ।।।।।।।।।।।।

पी के

सुविचार 2226

आम तौर पर लोगों की यह धारणा है कि खुश केवल वही है, जिसके पास दौलत है. लेकिन आप पायेंगे कि कई लोग ऐसे भी हैं, जिनके पास दौलत तो बहुत है, पर वे खुश नहीं हैं. उनके शरीर में इतनी बीमारियां हैं कि दौलत का स्वयं के लिए कोई इस्तेमाल नहीं है.

इसके विपरीत आपको कई ऐसे लोग भी मिल जायेंगे, जिनके पास संसाधन तो सीमित हैं, परंतु उनके चेहरे पर गजब का आकर्षण नजर आता है, जो खुशी और शांति से उत्पन्न होती है. दरअसल, हमारे संतोष और खुशी का संबंध केवल धन से नहीं है.

हम अपने मन को व्यवस्थित और संतुलित कर अपार सुख की प्राप्ति कर सकते है.

मस्त विचार 2101

जो लोग आपके इर्द गिर्द रहतें हैं, उन्हें शायद आप बदल न पाएं.

लेकिन उन्हें तो आप बदल ही सकतें हैं, जिनके इर्द गिर्द आप रहना चाहतें हैं.

Collection of Thought 615

Personal sophistication never goes out of style.

व्यक्तिगत परिष्कार कभी भी शैली से बाहर नहीं जाता है.

सुविचार 2225

…एक माचिस की तिल्ली, एक घी का लोटा…

…लकड़ियों के ढेर पे, कुछ घण्टे में राख…..

…बस इतनी-सी है “आदमी की औकात”

मस्त विचार 2099

मेरे हालात की नजाकत से अभी नावाकिफ हो तुम,

हम उसे भी जीना सीखा देते हैं, जिसे मरने का शौक हो.

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