सुविचार 2310
रिश्ते और विश्वास दोनों ही दोस्त हैं,
रिश्ता रखो, या ना रखो, पर विश्वास जरुर रखना,
जहाँ विश्वास होता हैं, वहाँ रिश्ते अपने आप पनप जाते हैं.
रिश्ता रखो, या ना रखो, पर विश्वास जरुर रखना,
जहाँ विश्वास होता हैं, वहाँ रिश्ते अपने आप पनप जाते हैं.
आराम कमाने निकलता हूँ आराम छोड़कर।।
तस्वीर मे तो हर कोई मुस्कुराता है…
खुशी समस्याओं की अनुपस्थिति नहीं है, _ यह उनसे निपटने की क्षमता है.
यही सोचकर की काश कोई अपना होता तो रोने ना देता.
और हमारे जो अधिकार हों उन की दृढ़ता से मांग करनी चाहिए.
“आपको गिरने का डर नही लगता ?
परिन्दे ने क्या गजब का जवाब दिया,
”मै इन्सान नही
जो ज़रा सी ऊँचाई पा कर अकड़ जाऊ..