मस्त विचार 2181
प्यास लगी थी गजब की…मगर पानी मे जहर था…
पीते तो मर जाते और ना पीते तो भी मर जाते.
प्यास लगी थी गजब की…मगर पानी मे जहर था…
पीते तो मर जाते और ना पीते तो भी मर जाते.
हमारे भरोसे के तो सारे पत्ते जोकर निकले.
तू है पुजारी कर्म का
थोडा तो इंतज़ार कर
विश्वास को दृढ़ बना
संकल्प को कृत बना
एक कोशिश और कर बैठ न तू हार कर.
हमारे कर्मों की आवाज खुद- ब- खुद हमारी सफलता बताती है.
मैं सफलता की कुंजी नहीं जानता, लेकिन असफलता की कुंजी _ सभी को खुश करने की कोशिश करना है.
मिले जो कामयाबी सारे रिश्ते बोल पड़ते हैं.
मेरी खूबी पे रहते हैं यहां अहले ज़बान खामोश,
मेरे ऐबों पे चर्चा हो तो गूंगे बोल पड़ते हैं.
रब ने हर इंसान के लिए सफलता के लिए अलग- अलग प्रयासों की संख्या सुनिश्चित की है, जहां पहुंचते ही हमें अपनी मंजिल हासिल हो जाती है. अतः अपने प्रयासों को थमने न दें. एक दिन अचानक कामयाबी खुद आकर आपके कदम चूमेगी.
कोई जब पूछे कैसे हो…?? तो मजे में हूँ कहना पड़ता है…