सुविचार 4745
सत्य को जानने के लिए लोग किताबे पढ़ते हैं, और जी नहीं पाते।
लेकिन सत्य को जीने वाले सत्य को जीते भी हैं, जानते भी हैं।
सत्य को जानो मत, जियो।
लेकिन सत्य को जीने वाले सत्य को जीते भी हैं, जानते भी हैं।
सत्य को जानो मत, जियो।
ज़िन्दगी में क्या पता कौन कब बदल जाए..
हमारी अज्ञानता ही हमारे दुःख का कारण है.
आज से हम चुनौतियों में भी शांत रहें और अनोखे हल निकालें…
दिल से उतरे हुए लोगो से शिकायत कैसी…!!
_ आईना कहीं भी टूटे, मेरा ही नाम आता है.!!”
_ कभी-कभी ‘किनारा’ कर लेना ही समझदारी है.!!
बोलने से ज़्यादा करके दिखाने में आपका भरोसा होना चाहिए ”
उसी तरह मुसीबत कितनी भी बड़ी हो, शांति से विचार करने पर जीवन में झटके नहीं लगते ” चलते रहिए ” !!