मस्त विचार 2062
उसने तब – तब धोखा दिया.
उसने तब – तब धोखा दिया.
आप यदि केवल स्वयं का ही ध्यान रखेंगे, स्वयं का हित साधने में लगे रहेंगे, तो धीरे धीरे अन्य लोग भी आप पर ध्यान देना बंद कर देंगे !
इसलिए सभी का ध्यान रखते हुए सब से मिल जुल कर चलें !!!
परेशान वो हैं जिनके घरों में भरे हुए तहखाने हैं.
जो स्वीकार करता है, वही आगे बढ़ता है.
मौका हमें कई गलतियों को सुधारता है जिसे कारण नहीं जानता कि कैसे सुधारा जाए.
जैसे हमारे विचार होते हैं, कुछ हद तक हमारा तन और मन भी वैसी ही प्रतिक्रिया देता है. हमारे मन में यदि ये बात बैठ गई कि ठंड मुझे बिलकुल बर्दाश्त नहीं होती तो तन भी वैसी ही प्रतिक्रिया करनी शुरू कर देगा.
जीतने की इच्छा कभी मत करना.
जिस पर मैं सवार था और कुछ पलो में ही
मैं ये देख कर हैरान रह गया …
कि कश्ती खुद ही पार लगना जानती थी…