मस्त विचार – मन का अफसाना है – 1947
वैसे अकेले ही आये है और अकेले ही जाना है,
कैसा भी हो बंधन एक दिन तो टूट जाना है,
कोई कितना भी रहे पास या कितना भी रहे दूर,
सुख दुख का जलवा अपने ही मन का अफसाना है.
Collection of Thought 585
आपको हर किसी से बेहतर नहीं बनना चाहिए; आपको जितना आपने सोचा था उससे बेहतर बनना चाहते हैं.
सुविचार 2072
शत्रु की अपेक्षा किसी मित्र या स्वजन को माफ़ कर देने का काम अधिक कठिन लगता है ! मन की शांति के लिए माफ़ करते रहें , दुसरो की गलतियों को भुला कर आगे बढ़ें !! क्षमा से क्रोध शांत होता है और जीवन में शान्ति आती है !!!
जब आप क्षमा कर सकते हैं, तब आप स्वतंत्र हैं ; जब आप क्षमा नहीं कर सकते, तो आप अपने साथ हुई चोट के कैदी हैं ; यदि आप वास्तव में किसी से निराश हैं और आप कटु हो जाते हैं, तो आप उस भावना के भीतर कैद हो जाते हैं.
केवल क्षमा की कृपा ही चोट और कटुता के सीधे तर्क को तोड़ सकती है ; यह आपको एक रास्ता देता है, क्योंकि यह संघर्ष को पूरी तरह से अलग स्तर पर रखता है ; एक अजीब तरह से, यह पूरे संघर्ष को मानवीय बनाए रखता है ;
आप उन स्थितियों, परिस्थितियों, या कमज़ोरियों को देखने और समझने लगते हैं जिनके कारण दूसरे व्यक्ति ने वैसा ही व्यवहार किया _ जैसा उन्होंने किया था.
मस्त विचार 1946
इम्तहान ले रहा है वो कुछ तो कुसूर रहा होगा ..,,
सुविचार 2071
यदि हार की संभावना ना हो तो जीत का कोई अर्थ नहीं है.
सुविचार 2070
सफलता का आधार है सकारात्मक सोच और निरंतर प्रयास.
मस्त विचार 1945
अपने ही घर से निकलता हूँ, अपने ही घर की तलाश में………




