सुविचार 2073

कभी कभी गुस्से में हम दूसरों को हानि पहुंचाने की कोशिश करते हैं मगर समय बीतने के बाद हमें पता चलता है कि हमने अपने आप का ज्यादा नुकसान किया है.

मस्त विचार – मन का अफसाना है – 1947

सुख दुख मन का अफसाना है.

वैसे अकेले ही आये है और अकेले ही जाना है,

कैसा भी हो बंधन एक दिन तो टूट जाना है,

कोई कितना भी रहे पास या कितना भी रहे दूर,

सुख दुख का जलवा अपने ही मन का अफसाना है.

Collection of Thought 585

You shouldn’t want to be better than everybody else; you should want to be better than you ever thought you could be.

आपको हर किसी से बेहतर नहीं बनना चाहिए; आपको जितना आपने सोचा था उससे बेहतर बनना चाहते हैं.

सुविचार 2072

माफ़ी – क्षमा……

शत्रु की अपेक्षा किसी मित्र या स्वजन को माफ़ कर देने का काम अधिक कठिन लगता है ! मन की शांति के लिए माफ़ करते रहें , दुसरो की गलतियों को भुला कर आगे बढ़ें !! क्षमा से क्रोध शांत होता है और जीवन में शान्ति आती है !!!

क्षमा जीवन में वास्तव में कठिन चीजों में से एक है ; चोट लगने का तर्क चोट या चोट पहुँचाने वाले को कभी न भूलने की दिशा में दौड़ता हुआ प्रतीत होता है,;  जब आप क्षमा करते हैं, तो कुछ गहरी, दैवीय उदारता हावी हो जाती है.

जब आप क्षमा कर सकते हैं, तब आप स्वतंत्र हैं ; जब आप क्षमा नहीं कर सकते, तो आप अपने साथ हुई चोट के कैदी हैं ; यदि आप वास्तव में किसी से निराश हैं और आप कटु हो जाते हैं, तो आप उस भावना के भीतर कैद हो जाते हैं.

केवल क्षमा की कृपा ही चोट और कटुता के सीधे तर्क को तोड़ सकती है ; यह आपको एक रास्ता देता है, क्योंकि यह संघर्ष को पूरी तरह से अलग स्तर पर रखता है ; एक अजीब तरह से, यह पूरे संघर्ष को मानवीय बनाए रखता है ;

आप उन स्थितियों, परिस्थितियों, या कमज़ोरियों को देखने और समझने लगते हैं जिनके कारण दूसरे व्यक्ति ने वैसा ही व्यवहार किया _ जैसा उन्होंने किया था.

मस्त विचार 1945

युहीं पूछ लेता हूँ खुद से, मैं मुसाफिर हूँ या गुमशुदा,

अपने ही घर से निकलता हूँ, अपने ही घर की तलाश में………

सुविचार 2069

वे चीजें जो हमें शुरू में अच्छी नहीं लगतीं, लेकिन बाद में वे अच्छी ही होती हैं.

मस्त विचार 1944

मेरे पास कहने के लिये बहोत कुछ है, पर सुननेवाला कोई नही है..

_ और इन दोनों में से किसी एक को न चुन पाने की कशमकश में रह जाता हूँ..!!
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