सुविचार 2215
इसलिए…..उन लोगों को जरुर महत्व दें, जो आपको महत्व देते हैं…
इसलिए…..उन लोगों को जरुर महत्व दें, जो आपको महत्व देते हैं…
महत्वाकांक्षा आसमान के खिलाफ सीढ़ी लगा रही है.
हर चेहरे में कुछ तो अहसास है,
आपसे यारी हम यूँ ही नहीं कर बैठे,
क्या करें हमारी पसंद ही कुछ ख़ास है.
जीवन “सफल” ही नहीं “सार्थक” भी हो जाएगा.
ये तो बस धागे की ज़िद है कि सबको पिरोये रखना है.
माला की तारीफ़ तो करते हैं सब, क्योंकि मोती सबको दिखाई देते हैं.
काबिले तारीफ़ धागा है जनाब, जिसने सब को जोड़ रखा है.
भुला के गम सारे दिल से जियो
उदासी में क्या रखा है, मुस्कुरा के जियो
अपने लिए न सही अपनों के लिए जियो.
जी भर के देख लीजिये हमको करीब से
फिर आप के नसीब में ये बात हो न हो
शायद फिर इस जनम में मुलाक़ात हो न हो.
आप जो कर रहे है उससे अच्छा कर सकते हैं.
_ बढ़ कर अकेला तू पहल कर; देख कर तुझको काफिला खुद बन जायेगा.!!