सुविचार 2068

हमारे सामने जो भी परेशानियाँ हैं, हम जब तक उनको नकारात्मक नज़रिये से देखते रहेंगे तब तक हम परेशानियों से घिरे रहेंगे लेकिन जैसे ही हम उन्हीं चीजों को, उन्ही परिस्तिथियों को सकारात्मक नज़रिये से देखेंगे, हमारी सोच एकदम से बदल जाएगी, हमारी सारी चिंताएं, सारी परेशानियाँ, सारे तनाव एक दम से ख़त्म हो जायेंगे और हमें मुश्किलों से निकलने के नए – नए रास्ते दिखाई देने लगेंगे.

Collection of Thought 584

Your success depends mainly upon what you think of yourself and whether you believe in yourself.

आपकी सफलता मुख्य रूप से इस बात पर निर्भर करती है कि आप अपने बारे में क्या सोचते हैं और आप खुद पर विश्वास करते हैं या नहीं.

मस्त विचार 1942

“बचपन में” जब धागों के बीच माचिस की डिब्बी को फँसाकर फोन-फोन खेलते थे,

तो मालूम नहीं था एक दिन इस फोन में ज़िंदगी सिमटती चली जायेगी।।।

सुविचार 2066

अशांत मन में कभी सकारात्मक विचार नहीं आते हैं ,

शांत मन ही हमें सही मार्ग दिखाता है.

मस्त विचार 1941

तर्क से किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता.

मूर्ख लोग तर्क करते हैं, जबकि बुद्धिमान विचार करते हैं.

मस्त विचार 1940

नीयत साफ जरूरी है,

खुद्दारी भी जरूरी है,

दुनियादारी ठीक से चलती रहे,

वो चालाकी तो मगर, मजबूरी है।

हासिल कम है या लालच ज्यादा,

साधन सीमित है या उम्मीदें ज्यादा,

संभलकर चलने के लिये, मगर,

ये समझना भी जरूरी है।

कहाँ से चले थे, कहाँ आ गये,

दिल के सुकून के लिये,

पीछे मुड़ कर देखना भी जरूरी है।

कदम से कदम मिलाकर चलो,

मंजिल मिल ही जायेगी,

जितनी है जरूरी, हसरतें पूरी हो जायेंगी

संभल कर बोलना जरूरी है,

ज्यादा आवेश में ये जुबाँ फिसल जायेगी।

आगे बढ़ना तो जरूरी है, मगर

ऊंचाई और साये का तालमेल भी जरूरी है।

परछाई है वजूद का आईना, मगर,

इसके लिए पैर धरा पर जरूरी है।

।। पीके ।।

मस्त विचार 1939

संसार में दो तरीके के लोग हैं, जो असफल होते हैं.

एक, जो किसी की नहीं सुनते. दूसरे जो हर किसी की सुनते हैं.

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