मस्त विचार 1913

अगर आपको ठीक से नजर नहीं आता तो किसी पे ट्रस्ट कर के देख लो.

वो आपकी ऐसी आँखें खोलेगा के आपको दूर- दूर तक साफ नजर आएगा.

सुविचार 2037

सच्चाई वो दिया है, जिसे अगर पहाड़ की चोटी पर भी रख दो तो,

बेशक रोशनी कम करे, पर दिखाई बहुत दूर से भी देता है.

मस्त विचार 1912

देख कर दुनिया को हम भी बदलेंगे अपना मिज़ाज- ए- जिंदगी..!

राब्ता सब से होगा लेकिन वास्ता किसी से नहीं .!!!

सुविचार 2036

मैंने आज तक ख़ुदा को नहीं देखा है,

लेकिन मैंने उन लोगों में उसे पाय़ा है,

जिन्होंने मेरा तब साथ दिया, जब बाकि सारी दुनिया ने मेरा साथ नहीं दिया.

Collection of Thought 578

One day, you’ll be just a memory for some people. Do your best to be a good one.

एक दिन तुम कुछ लोगों के लिए सिर्फ एक याद बनकर रह जाओगे, _ एक अच्छा बनने की पूरी कोशिश करें.

मस्त विचार 1910

तुम विजेता हो, जीतने की आदत बना डालो,

अपनी कमजोरियों को ही अपनी ताकत बना डालो,

यह काम है मुश्किल, कहते हैं हारनेवाले,

तुम हर मुश्किल को आंसा और मुमकिन बना डालो,

बहाने हैं बहुत, हारनेवालों की किस्मत में,

तुम हर बहाने को ही निशाना बना डालो.

हारने वाले करेंगे, काम कल-परसों,

तुम्हें जो भी करना है, बस आज कर डालो,

हारना या जीतना, फर्क बस एक नजरिया का,

उन्हें खाली की चिंता है, तुम भर कर दिखा डालो,

तुम विजेता हो, जीतने की आदत बना डालो.

सुविचार 2035

जो पहले छ्मा है वह सबसे बहादुर है, जो सबसे पहले छमा करता है वह सबसे शक्तिशाली है और जो सबसे पहले भूल जाता है, वह सबसे सुखी है.

सुविचार 2034

हमारा पूरा जीवन भीड़ का हिस्सा बना हुआ है. विचारों की भीड़ हो या संगठनों के आदर्श की या व्यक्ति की. अधिकतर व्यक्ति की चेतना में अभिनव कुछ नहीं होता. वह एक रोडमैप बनाता है – बस भीड़ को फॉलो करने का. शिछा में बच्चे वही करते हैं, युवाओं में जिसका ज्यादा क्रेज होता है. परिवार में बच्चे पिता- माता या अपने बड़े या मित्रों को फॉलो करते हैं. यह चलना हर मामले में होता है. सवाल गलत या सही का नहीं. सवाल है कि हमारी चेतना में कुछ नया करने का भाव क्यों नहीं आता, और अगर यह नहीं आता है, तो हम सर्वश्रेष्ठ कहां से दे सकते हैं ? हम उत्कृष्ट कैसे बन सकते हैं.

जब आप किसी महान लछ्य, किसी असाधारण कल्पना से प्रेरित होते हैं तो आपके सभी विचार अपनी सीमाएं तोड़ देते हैं. आपका मस्तिष्क सीमाओं से परे निकल जाता है. आपकी चेतना प्रत्येक दिशा में विस्तृत होती है और आप खुद को एक नये और आश्चर्यजनक दुनिया में पाते हैं, जिसकी आपने कभी कल्पना भी नहीं की थी.

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