मस्त विचार 1917
उससे नहीं जो आप कल करेंगे.
उससे नहीं जो आप कल करेंगे.
जिंदगी हमेशा आपको दूसरा मौका देती है, _ इसे कल कहा जाता है.
कोई गलती करता ही नहीं, हमेशा मेरी ही गलती होती है…
अब हम अगर इस माहौल में अपनी ख़ुशी को यह सोच कर टालते रहेंगे कि यदि आगे यह मिल जाये, तो मैं खुश हो जाऊंगा या मुझे यह चीज प्राप्त हो, तो मैं खुश हो जाऊंगा. तो यकीन मानिये, वह समय कभी नहीं आयेगा.
महान विचारक ओशो रजनीश ने कहा है कि हमारा मन बड़ा चालाक है, जैसे ही वह किसी एक चीज को प्राप्त करता है, तुरंत नयी चीज को ध्येय बना लेता है और यही बात हमारी हमारी ख़ुशी के साथ है. इस तथ्य को हमें गहराई से समझना चाहिए.
अगर आप सामने बैठे व्यक्ति के मन में अपने बारे में रूचि जगाना चाहते हैं तो उससे उसके बारे में बात करें. स्वाभाविक प्रतिक्रिया के तहत वह आपके बारे में भी आपसे पूछेगा.
—सामने वाले को यह नहीं लगना चाहिए कि सिर्फ दिखावे के लिए आप ऐसा कर रहे हैं.
बदल गए हैं वो लोग जो सुबह शाम हाल पूछा करते थे.
किसी किताब से नहीं मिलती अपनी जिंदगी.
कोई दिल से कुछ भी सीखना चाहे, तो उसके लिए वह समय निकाल लेगा, जो कहते हैं कि उनके पास नया सीखने के लिए समय नहीं है, वह सीखना नहीं चाहते हैं. इस तरह के लोग ही बदलाव का सबसे पहले विरोध करते हैं. उन्हें लगता है कि पुराना दौर ही ठीक था.
सकारात्मक सोच विकसित करने का कोई फार्मूला है क्या ? नहीं, इसका कोई किताबी फार्मूला नहीं है. अगर कुछ बातों का ध्यान रखा जाये,
किन बातों का ? हर परिस्थिति में खुश रहने की कोशिश करनी चाहिए. खुद आशावादी होना चाहिए और निराशावादी लोगों से दूर रहने की कोशिश करनी चाहिए. सकारात्मक सोच ताकत देता है, संभावनाओं का द्वार है.