मस्त विचार 1895

किस्मत ने जैसा चाहा वैसे ढल गए हम,

बहुत संभल के चले फिर भी फिसल गए हम,

किसी ने विश्वास तोड़ा तो किसी ने दिल,

और लोगों को लगा की बदल गए हम.

सुविचार 2019

“जिंदगी बहुत छोटी है” – जो हमसे अच्छा व्यवहार करते हैं, उन्हें “धन्यवाद” कहिए.

सुविचार – हम है उसी में राजी, जिसमे तेरी रजा है – 2018

हम है उसी में राजी, जिसमे तेरी रजा है,

प्रसन्न रहिये …. छोटी छोटी बातो पर रूठना, गुस्सा होना. प्रतिक्रिया देना अपने स्वाभाव और चरित्र में नकारात्मकता लाता है, अतः सोच समझ कर प्रतिक्रिया दें, छोटी छोटी बातो को गर नजर अंदाज न कर सके तो ज्यादा तूल न दें, यानि बढ़ाएं नहीं, किसी भी हालत में क्रोध या आवेश को अभिव्यक्ति न दे, प्रदर्शित न करे, इसको समझना हो तो जब कोई दूसरा क्रोध में चिल्लाता हो उसे देखे तुरन्त समझ आएगा की ऐसी अभिव्यक्ति कितनी गलत होती है ! अपनी बात सहज होकर, शांति से रखें ! इससे प्रसन्नता और शांति आपके पास स्थायी हो सकेगी ! और आप कह सकेंगे की ….. यहाँ यु भी वाह वाह है , और त्यूं भी वाह वाह है ….हर हाल में खुश , मस्त , प्रसन्न ………

मस्त विचार 1892

जब तक सांस है, टकराव मिलता रहेगा.

जब तक रिश्ते हैं, “घाव” मिलता रहेगा.

पीठ पीछे जो बोलते हैं, उन्हें पीछे ही रहने दें,

अगर हमारे कर्म, भावना और रास्ता सही है.

तो गैरों से भी “लगाव” मिलता रहेगा.

Collection of Thought 574

The one and only reason behind all the miseries and failures of our life is ~ our selfishness and the deeds induced by our selfish nature..!!

हमारे जीवन के सभी दुखों और असफलताओं का एक ही कारण है ~ हमारा स्वार्थ और हमारे स्वार्थी स्वभाव से प्रेरित कर्म..!

सुविचार 2016

साहस…….

जितना साहस कोई बात सबके सामने खड़े होकर कहने में लगता है, उतना ही साहस चुपचाप बैठकर हर किसी की बात सुनने के लिए भी चाहिए !!

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